महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने वैज्ञानिकों को आधुनिक कृषि तकनीक खेतों तक पहुंचाने के दिए निर्देश, उत्कृष्टता केंद्रों की प्रगति का लिया जायजा
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की रणनीतिक समीक्षा बैठक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसल मॉडल और डिजिटल तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग करते हुए किसानों तक नवीनतम जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों को किसानों की जरूरतों के अनुरूप नवाचारों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सके।
बैठक में अलीगढ़ के मधुमक्खी पालन एवं प्रसंस्करण केंद्र, मैनपुरी की मूंगफली प्रसंस्करण इकाई, इटावा के आलू एवं बाजार मूल्य संवर्धन केंद्र तथा फतेहपुर की मुर्गी एवं बकरी पालन इकाई सहित विभिन्न उत्कृष्टता केंद्रों में संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। महानिदेशक ने इन परियोजनाओं में और अधिक गतिशीलता लाने तथा बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएसए के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने कृषि विज्ञान केंद्रों को एक या दो क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण, कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जाएं।
बैठक में निदेशक शोध डॉ. महक सिंह, उपकार के उप महानिदेशक डॉ. सुशील कुमार सिंह, निदेशक प्रसार डॉ. वी.के. त्रिपाठी, डॉ. सी.एल. मौर्य, डॉ. विजय यादव सहित सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रभारी एवं अध्यक्ष उपस्थित रहे।


