बबीना कैंट स्थित आशा स्कूल का किया निरीक्षण, दिव्यांग बच्चों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
- नरेश राठौर
झांसी। जिलाधिकारी ने बबीना कैंट स्थित आशा स्कूल का निरीक्षण कर वहां संचालित शैक्षणिक, पुनर्वास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण गतिविधियों का जायजा लिया। आशा स्कूल भारतीय सेना की पहल के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा, पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रशिक्षण प्रदान करने वाला संस्थान है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दिव्यांग बच्चों से संवाद किया और कहा कि दिव्यांगता किसी भी व्यक्ति की प्रगति में बाधा नहीं बन सकती। आत्मविश्वास, मेहनत और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की प्रेरणा दी।


भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों, कलाकृतियों एवं आकर्षक पेंटिंग्स का अवलोकन किया। बच्चों की रचनात्मकता और हुनर की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि दिव्यांग बच्चों के लिए व्यावसायिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि वे भविष्य में स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। साथ ही बच्चों की रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि प्रत्येक दिव्यांग बच्चा अपनी प्रतिभा के बल पर समाज में नई पहचान बना सके।


