
यूपीडीआईसी के अगले चरण को लेकर ‘कानपुर रीजनल डिफेंस वर्कशॉप’ में मंथन, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च, इनोवेशन और एमएसएमई नेटवर्क मजबूत करने पर जोर
- हरिओम गुप्ता
कानपुर। उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में योगी सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के अगले चरण की तैयारियों को लेकर कानपुर में महत्वपूर्ण मंथन हुआ। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और उत्तर प्रदेश सरकार की साझेदारी में आयोजित ‘कानपुर रीजनल डिफेंस वर्कशॉप’ में रक्षा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी नवाचार, शोध, कौशल विकास और एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
वर्कशॉप में इस बात पर जोर दिया गया कि रक्षा कॉरिडोर को केवल बड़े औद्योगिक प्लांट और फैक्ट्रियों तक सीमित रखने के बजाय इसके साथ रिसर्च, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और मजबूत एमएसएमई नेटवर्क को भी जोड़ा जाए। इससे प्रदेश में रक्षा उत्पादन की पूरी इकोसिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी।
कानपुर में रक्षा निर्माण की अपार संभावनाएं
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन रक्षा कॉरिडोर को धरातल पर उतारने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी ‘पूर्व का मैनचेस्टर’ के रूप में पहचान रखने वाला कानपुर अब देश के प्रमुख रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि कानपुर में मौजूद औद्योगिक आधार, तकनीकी संस्थानों और कुशल मानव संसाधन को रक्षा उत्पादन से जोड़कर इस क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।
आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन में यूपी की अहम भूमिका
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रोफेसर हर्ष पंत ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करने और देश में ही आधुनिक रक्षा उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि ORF की ओर से शुरू की गई ‘स्ट्रैटेजिक उत्तर प्रदेश’ पहल का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाना, UPDIC में निवेश को बढ़ावा देना और प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रक्षा क्षेत्र की संभावनाओं को तलाशना है। कानपुर की यह कार्यशाला भी इसी व्यापक पहल का हिस्सा है।
IIT कानपुर और BHU से मिलेगी रिसर्च और तकनीक की ताकत
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर प्रदेश को हथियारों और रक्षा उपकरणों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने IIT कानपुर और BHU जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर विज्ञान, शोध और नई तकनीक को रक्षा उत्पादन से जोड़ने की दिशा में काम शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि कानपुर को रक्षा क्षेत्र की नई पहचान दिलाने के लिए सरकार, उद्योग जगत, रक्षा उत्पादन से जुड़े संस्थान, शोध संस्थान, नीति निर्माता, IIT कानपुर और एमएसएमई प्रतिनिधियों को एक साथ लाकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई है।
युवा शक्ति को डिफेंस सेक्टर से जोड़ने पर जोर
वर्कशॉप में उत्तर प्रदेश की बड़ी युवा आबादी को रक्षा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति को तकनीकी कौशल, आधुनिक विनिर्माण, एयरोस्पेस, डिफेंस टेक्नोलॉजी और रिसर्च से जोड़कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
कार्यशाला में इस बात पर सहमति बनी कि UPDIC के अगले चरण में बड़े उद्योगों के साथ-साथ स्थानीय एमएसएमई, स्टार्टअप, तकनीकी संस्थानों और शोधकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाई जाए, ताकि कानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन की मजबूत और आत्मनिर्भर श्रृंखला विकसित की जा सके।


