ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से हुई सजा, एडीजे-09 कानपुर नगर ने सुनाया फैसला
- अंकित बाजपेई
कानपुर। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के एक मामले में तीन अभियुक्तों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट कानपुर नगर के निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी के निकट पर्यवेक्षण में मामले की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी की गई।
पुलिस के अनुसार थाना रावतपुर में वर्ष 2023 में मुकदमा अपराध संख्या 139/2023 के तहत धारा 294, 323, 504, 302 भादवि एवं धारा 34 भादवि में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्तों ने वादी के भतीजे और भतीजी के साथ गाली-गलौज की तथा लोहे की रॉड से भतीजे पर जानलेवा हमला किया। गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मामले की सुनवाई एडीजे-09 कानपुर नगर की अदालत में हुई। न्यायालय ने अभियुक्त प्रतुल सिंह सेंगर उर्फ योगेश पुत्र संतोष सिंह सेंगर निवासी विनायकपुर, थाना रावतपुर, कानपुर नगर, रिषभ पुत्र रमेश सिंह निवासी विनायकपुर, थाना रावतपुर, कानपुर नगर तथा आदित्य शर्मा उर्फ मणि पुत्र राजकुमार शर्मा निवासी सत्यम विहार, थाना कल्याणपुर, कानपुर नगर को धारा 302 भादवि में सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 323 भादवि में प्रत्येक को छह माह के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने धारा 504 भादवि में प्रत्येक अभियुक्त को एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा धारा 294 भादवि में प्रत्येक को दो माह के सश्रम कारावास से भी दंडित किया।
इस मामले में अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रद्युम्न कुमार अवस्थी, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल 1605 राजेन्द्र कुमार तथा पैरोकार कांस्टेबल 530 जयप्रकाश ने प्रभावी पैरवी की।


