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कानपुर में घाव भरने की प्रक्रिया में प्रतिरक्षा कोशिकाओं की भूमिका पर सेमिनार आयोजित

दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज और ए.एन.डी. कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन, लगभग 80 छात्राओं ने लिया भाग; विशेषज्ञ ने न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज की भूमिका पर दी जानकारी।

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के जंतु विज्ञान विभाग की ओर से ए.एन.डी. कॉलेज, कानपुर के सहयोग से “घाव भरने की प्रक्रिया में प्रतिरक्षा कोशिकाओं की भूमिका” विषय पर शैक्षणिक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दोनों महाविद्यालयों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 80 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. वंदना निगम ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के ज्ञान एवं कौशल विकास में अकादमिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला।

जंतु विज्ञान विभाग की प्रभारी प्रो. अंजली श्रीवास्तव ने सेमिनार की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए घाव भरने की प्रक्रिया में प्रतिरक्षा कोशिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका तथा इसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता को रेखांकित किया।

न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज की भूमिका पर दी जानकारी

सेमिनार के मुख्य वक्ता प्रो. राकेश कुमार माझी ने अपने व्याख्यान में बताया कि न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज जैसी प्रतिरक्षा कोशिकाएं संक्रमण से बचाव, सूजन के नियंत्रण तथा क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने प्रतिरक्षा तंत्र और ऊतक पुनर्जनन के बीच संबंधों को स्पष्ट करते हुए इस विषय की चिकित्सा विज्ञान एवं आधुनिक जैविक अनुसंधान में उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

उनका व्याख्यान छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक रहा। इसके माध्यम से छात्राओं को प्रतिरक्षा विज्ञान और घाव भरने की जैविक प्रक्रिया की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिला।

वैज्ञानिक जिज्ञासा और शोधपरक सोच को बढ़ावा देना रहा उद्देश्य

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को प्रतिरक्षा विज्ञान एवं आधुनिक जैविक अनुसंधान के नवीन पहलुओं से परिचित कराना तथा उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा और शोधपरक सोच को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. कंचन मित्तल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ. शालिनी शुक्ला ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक श्री कृष्णेंद्र कुमार का विशेष योगदान रहा।

सेमिनार के आयोजन में दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग की प्रो. सुनीता आर्या, डॉ. अमिता श्रीवास्तव, डॉ. इशिता पांडे एवं डॉ. रचना सिंह के साथ ए.एन.डी. कॉलेज की प्रभारी प्रो. संगीता अवस्थी और वहां के समस्त प्रवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विभाग के शिक्षणोत्तर कर्मचारियों ने भी आयोजन में सहयोग किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की समस्त प्रवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। लगभग 80 छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ सेमिनार संपन्न हुआ।

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