भारतीय डाक स्पीड पोस्ट में नया सुधार: 1 अक्टूबर से OTP आधारित डिलीवरी, अधिक सुरक्षित और स्मार्ट

नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग 1 अक्टूबर 2025 से अपनी स्पीड पोस्ट सेवा में बड़े बदलाव लागू करेगा। अब स्पीड पोस्ट डाक-वस्तुएँ (दस्तावेज़ और पार्सल) ओटीपी आधारित डिलीवरी के साथ अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और ग्राहक-केंद्रित होंगी।
उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डिजिटलीकरण के इस युग में स्पीड पोस्ट अब रीयल-टाइम ट्रैकिंग और प्राप्तकर्ता-विशिष्ट डिलीवरी विकल्प के साथ उपलब्ध होगी।
नई सुविधाएँ और मूल्यवर्धन
- स्पीड पोस्ट सेवा अब रजिस्ट्रीकृत डाक जैसी मूल्यवर्धित सेवा के विकल्प के साथ आएगी।
- ओटीपी आधारित डिलीवरी के लिए ग्राहकों को बुकिंग के समय केवल ₹05 (जीएसटी अतिरिक्त) का भुगतान करना होगा।
- बुकिंग के दौरान प्रेषक के निर्देशों अनुसार डिलीवरी या तो पता-विशिष्ट होगी या प्राप्तकर्ता-विशिष्ट।
- बीमा सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा, “यह पहल डिजिटलीकरण के युग में स्पीड पोस्ट को अधिक सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल बनाती है। नई प्रणाली क्लाउड-रेडी एपीटी 2.0 प्लेटफ़ॉर्म पर आधारित है, जो ग्राहक-केंद्रित सेवा सुनिश्चित करेगी और वितरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगी।”
नई दरें
01 अक्टूबर 2025 से स्पीड पोस्ट दस्तावेज़ के लिए नई दरें (जीएसटी अलग) इस प्रकार होंगी:
- इंट्रा-सिटी (पहले 50 ग्राम): ₹19
- शेष भारत (पहले 50 ग्राम): ₹47
- 500 ग्राम तक की अधिकतम दर: ₹93
- ई-कॉमर्स उपभोक्ताओं को जो न्यूनतम ₹9 लाख का मासिक व्यवसाय प्रदान करते हैं, उनके लिए 10% से 50% तक की छूट उपलब्ध होगी।
बदलाव का महत्व
स्पीड पोस्ट सेवा की शुरुआत 1 अगस्त 1986 में “ईएमएस स्पीड पोस्ट” के नाम से हुई थी। तब से यह सेवा तेज़, विश्वसनीय और समयबद्ध डिलीवरी के लिए जानी जाती है। नए ओटीपी आधारित प्रणाली और डिजिटल अपडेट के साथ भारतीय डाक स्पीड पोस्ट अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और पारदर्शी सेवा प्रदान करेगी।



