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UP ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स-वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन का प्रथम संयुक्त अधिवेशन, ग्रामीण बैंकिंग का महत्व पर विशेष ध्यान

  • अनुराधा सिंह

लखनऊ। राजधानी के निराला नगर स्थित माधव सभागार में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एवं वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन और भारतीय मजदूर संघ द्वारा प्रथम संयुक्त अधिवेशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को और बेहतर बनाना और कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्देश्य:
अधिवेशन का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। क्षेत्रीय प्रचारक अनिल ने समारोह को संबोधित करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से किसानों और खेतिहर मजदूरों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार भी इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है ताकि ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सुविधाएं अधिक सुलभ हों।

उपमुख्यमंत्री ने बताई बैंकिंग की अहमियत:
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण बैंक प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना था कि अधिकारी और कर्मचारी हर गांव तक आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं पहुँचाने में सहयोग करें।

उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का परिचय और महत्व:
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष यादव सिंह ठाकुर ने बताया कि भारत सरकार के 7 अप्रैल 2025 के अधिसूचना के तहत बैंक का गठन हुआ था। वर्तमान में बैंक की 4500 शाखाएं हैं और 19,233 अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बेहतर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक के गठन की दिशा में कदम:
अखिल भारतीय अधिकारी संगठन के उपाध्यक्ष ललित सिंह ने राज्य स्तर पर एक ग्रामीण बैंक के समामेलन के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक के गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे ग्रामीण बैंकिंग को सशक्त बनाने वाला बताया।

कर्मचारियों की समस्याओं पर जोर:
अधिवेशन में प्रमोशन और अपॉइंटमेंट रूल्स 2010 में संशोधन, बाय स्केल 4 की पुनर्व्याख्या, और स्पॉन्सर बैंकों के समकक्ष भत्तों एवं अन्य लाभों की मांग उठाई गई। भारतीय ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन के प्रभारी राजेंद्र शर्मा और सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इसे ग्रामीण बैंक कर्मचारियों की आवाज को सशक्त बनाने वाला अधिवेशन बताया।

भव्य उपस्थिति:
इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 800 से अधिक ग्रामीण बैंक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। साथ ही, भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल होकर अधिवेशन के उद्देश्यों का समर्थन किया।

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