Madhya PradeshNEWS

इंदौर में कार्बाइड गन की बिक्री पर प्रतिबंध, “बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि”: CM डॉ. मोहन यादव

  • दीपक कुमार

भोपाल/इंदौर। दिवाली के दौरान कार्बाइड गन से हुई गंभीर दुर्घटनाओं के बाद इंदौर जिला प्रशासन ने इन खतरनाक खिलौना गनों की बिक्री, निर्माण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भोपाल के हमीदिया अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने कार्बाइड गन हादसे में घायल बच्चों से मुलाकात की और उनके इलाज की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने नेत्र रोग विभाग में मरीज प्रशांत, करण, अंश और आरिष समेत अन्य बच्चों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घायलों के संपूर्ण उपचार की पूरी जिम्मेदारी लेगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“जब तक बच्चे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते, तब तक उनकी निगरानी और इलाज सर्वोत्तम सुविधाओं के साथ जारी रहेगा,” — सीएम मोहन यादव।

डॉ. यादव ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि घायलों को दवा, भोजन और परामर्श सहित हर संभव सुविधा दी जाए। उन्होंने कहा कि यह घटना बच्चों की सुरक्षा के लिए चेतावनी है, और सरकार ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगी।

डॉक्टरों और अधिकारियों से ली विस्तृत जानकारी
सीएम ने अस्पताल के ऑप्थाल्मोलॉजी वार्ड का निरीक्षण किया और विशेषज्ञ डॉक्टरों से उपचार की स्थिति जानी। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश मरीजों की आंखों की सर्जरी हो चुकी है और सभी की निरंतर निगरानी की जा रही है।
इस मौके पर प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) संदीप यादव और आयुक्त जनसंपर्क दीपक सक्सेना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इंदौर में सख्त प्रतिबंध लागू
इंदौर जिला प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कार्बाइड गन की बिक्री, निर्माण, भंडारण, वितरण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही इनसे संबंधित रील्स या वीडियो सोशल मीडिया पर डालना भी प्रतिबंधित किया गया है।

जिला मजिस्ट्रेट शिवम वर्मा ने बताया कि ये गन पीवीसी पाइप, गैस लाइटर और कैल्शियम कार्बाइड से बनाई जाती हैं। पानी के संपर्क में आने पर बनने वाली एसीटिलीन गैस विस्फोट का कारण बनती है और इसके प्लास्टिक टुकड़े शार्पनेल की तरह गंभीर चोटें पहुंचाते हैं।

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने सभी थाने प्रभारियों को आदेश दिया कि वे शहर में ऐसे उत्पादों की बिक्री या प्रचार पर कड़ी निगरानी रखें। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एक वर्ष की जेल या ₹5,000 जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

हादसे में अब तक 31 घायल, ज्यादातर बच्चे
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि दिवाली के दौरान 31 लोग, जिनमें अधिकांश तीन से 31 वर्ष के बच्चे और युवा हैं, आंखों की गंभीर चोटों के साथ इंदौर और आसपास के जिलों — देवास, सीहोर, शाजापुर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ — से अस्पताल पहुंचे।
भोपाल और ग्वालियर में पहले ही कार्बाइड गन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

Related Articles

Back to top button