- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में बीते 25 महीनों के दौरान नौ छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने जांच रिपोर्ट 9 जुलाई तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को आयोग में होगी।
इस प्रकरण को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रवीण फाइटर ने जनवरी 2026 में राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल की थी। याचिका में लगातार हो रही छात्र आत्महत्याओं की निष्पक्ष जांच और संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की मांग की गई थी।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान मंडलायुक्त की ओर से अपर आयुक्त प्रशासन ने आयोग को बताया था कि जांच के लिए एडीएम सिटी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। हालांकि, एडीएम सिटी ने समिति के गठन पर आपत्ति जताते हुए नई जांच समिति गठित करने की आवश्यकता बताई थी।
आयोग को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में आईआईटी कानपुर के रजिस्ट्रार विश्व रंजन ने संस्थान में छात्रों को अवसाद और नशे की प्रवृत्ति से बाहर निकालने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी है। वहीं पुलिस की रिपोर्ट में आत्महत्याओं का प्रमुख कारण पढ़ाई का दबाव और अवसाद बताया गया है।
अब आयोग ने पूरे मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट 9 जुलाई तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके आधार पर 10 जुलाई को अगली सुनवाई में मामले की समीक्षा की जाएगी।


