महिला आरक्षण और उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर सपा प्रमुख का बड़ा बयान
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी का व्यवहार भाजपा की तरह नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के बाद भाजपा में बौखलाहट और हताशा है, जिसके चलते वह विपक्ष, विशेषकर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के खिलाफ प्रायोजित षड्यंत्र कर रही है।
लखनऊ स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के भ्रामक प्रचार तंत्र का जवाब धरना-प्रदर्शन से नहीं, बल्कि संयम से दिया जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी की महिलाओं और कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से काम करने और किसी भी उकसावे से बचने की अपील की।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर भ्रम और झूठ फैला रही है। उन्होंने समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों में महिलाओं की भी बड़ी हिस्सेदारी है, लेकिन भाजपा उन्हें उचित स्थान नहीं देना चाहती और 33 प्रतिशत आरक्षण के नाम पर अपनी मनमानी करना चाहती है।
उन्होंने आगे कहा कि अब पार्टी का पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश पर होना चाहिए, जहां वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उनके अनुसार यह चुनाव लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे और यदि उत्तर प्रदेश में भाजपा हारती है तो केंद्र की सरकार भी अस्थिर हो सकती है। इसलिए प्रदेश को भाजपा के प्रभाव से मुक्त कराना जरूरी है।
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-बीज और कीटनाशकों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जबकि आम जनता परेशानियों से जूझ रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के सत्ता से हटने पर ही देश और प्रदेश में खुशहाली आएगी और महिलाओं, किसानों व युवाओं को राहत मिलेगी।


