ओडीके आधारित डिजिटल सर्वेक्षण से किसानों की वास्तविक समस्याओं और जरूरतों का जुटाया जाएगा सटीक आंकड़ा
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। आईसीएआर-अटारी जोन-3, कानपुर में लैंडस्केप डायग्नोस्टिक सर्वे के लिए ओपन डाटा किट (ODK) आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आईसीएआर-अटारी, कानपुर एवं IFPRI, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के वैज्ञानिकों को आधुनिक डिजिटल सर्वेक्षण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है, ताकि किसानों से सटीक एवं विश्वसनीय जानकारी एकत्र की जा सके। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कृषि अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास तथा किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में CGIAR एवं IFPRI से डॉ. आर.के. मलिक, डॉ. अरिंदम एवं डॉ. मधुलिका शामिल हुए। उद्घाटन अवसर पर आईसीएआर-अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण आंकड़े कृषि प्रसार प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत हैं। ओडीके प्लेटफॉर्म के माध्यम से एकत्र किए जाने वाले आंकड़े किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने तथा वैज्ञानिक निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
डॉ. आर.के. मलिक ने कहा कि सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जिले के किसानों की स्थानीय आवश्यकताओं एवं चुनौतियों को समझना है। इसके आधार पर कृषि अनुसंधान एवं कृषि विस्तार गतिविधियों को किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप संचालित किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश एवं बिहार के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को ओडीके आधारित डिजिटल सर्वेक्षण, डेटा संग्रहण तथा डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। आईसीएआर-अटारी, कानपुर के समस्त वैज्ञानिकों ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।


