HomeNEWSआरक्षण संविधान की आत्मा, इसे कमजोर करना लोकतंत्र के खिलाफ : अखिलेश...

आरक्षण संविधान की आत्मा, इसे कमजोर करना लोकतंत्र के खिलाफ : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा सरकार पर लगाया पक्षपात और आरक्षण विरोधी नीति अपनाने का आरोप

अखिलेश कुमार अग्रहरि

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि संविधान के प्रावधानों को लागू करवाने के लिए यदि अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े तो यह सरकार की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि “जो पक्षपाती होता है, वह विश्वासघाती भी होता है” और पक्षपात अपने आप में अन्याय है, जो लोगों के अधिकारों को छीनता है।

समाजवादी Party के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि “आरक्षण ही संरक्षक है” और यह सामाजिक समानता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को बुलडोजर चलाना ही है तो उसे समाज में फैली गैरबराबरी की जमीन को समतल करने के लिए चलाना चाहिए और वंचित वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार यानी आरक्षण देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने और समानता स्थापित करने के उद्देश्य से संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की थी। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद से आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश तेज हुई है और वंचित समाज को हाशिये पर धकेलने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “लेटरल एंट्री” और अन्य प्रक्रियाओं के माध्यम से आरक्षण को दरकिनार कर अपने लोगों को स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे “संवैधानिक आरक्षण के खिलाफ फाउल प्ले” बताया।

अखिलेश यादव ने कहा कि आरक्षण सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करता है और लोकतंत्र को बचाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी प्रकार की भिक्षा नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है और इसे न मानना संविधान का अपमान है।

प्रेसवार्ता में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा, राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, सांसद डिंपल यादव, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी तथा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी आरक्षण के मुद्दे पर अपने विचार रखे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments