“जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है” — मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विपक्ष पर साधा निशाना, महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का किया विस्तृत उल्लेख
- सौम्या पाण्डेय
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित महिला जन आक्रोश सम्मेलन में भाग लिया। कार्यक्रम से पूर्व पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।
उन्होंने कहा कि मुगल काल से लेकर अंग्रेजों के शासन तक भारतीय संस्कृति और नारी सम्मान पर लगातार आघात किए गए। स्वतंत्रता के बाद भी कांग्रेस सरकारों ने महिलाओं के उत्थान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए। इसके विपरीत, केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं।
मंत्री ने कहा कि स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर घर शौचालय, पक्के मकान, खेलो इंडिया, रानी लक्ष्मीबाई सम्मान निधि, लखपति दीदी, सखी योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति, पिंक पुलिस बूथ और मुद्रा लोन जैसी योजनाएं लागू की हैं, जिनसे महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
इसके बाद विश्वविद्यालय के तात्या टोपे सीनेट हॉल में महापौर प्रमिला पांडे की अध्यक्षता में सम्मेलन आयोजित हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र और प्रदेश सरकार ने महिलाओं को सम्मान के साथ जीने का अवसर दिया है, जिसे विपक्षी दलों ने स्वीकार नहीं किया।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि भारत में धरती को मातृ स्वरूप और सरस्वती, लक्ष्मी व दुर्गा को देवी के रूप में पूजने की परंपरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगी।
कार्यक्रम में कुलपति विनय पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन डॉ. रश्मि बोरे ने किया।
सम्मेलन के बाद सैकड़ों महिलाओं ने जीटी रोड पर विरोध प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला दहन किया।


