हनुमंत विहार पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई; बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी, मोबाइल, सीपीयू और दस्तावेज बरामद
- प्रियंका द्विवेदी
कानपुर नगर। थाना हनुमंत विहार पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने फर्जी मल्टी-लेवल मार्केटिंग (पिरामिड स्कीम) के माध्यम से बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी “विन मेकर आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड” के नाम से कंपनी संचालित कर विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवाओं को ₹20,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का लालच देकर कानपुर बुलाते थे।
युवाओं से रजिस्ट्रेशन और जॉइनिंग के नाम पर ₹15,000 से ₹30,000 तक की राशि ली जाती थी। इसके बदले उन्हें एक सामान्य किट देकर पिरामिड नेटवर्क में नए सदस्य जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। इसी तरीके से ठगी का नेटवर्क लगातार बढ़ाया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 06 मोबाइल फोन, 01 सीपीयू, ₹3,600 नकद तथा ठगी से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामग्री के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि थाना हनुमंत विहार में पंजीकृत मुकदमे के तहत सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी जारी हैं।
इस संबंध में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस संगठित आर्थिक अपराधों और साइबर ठगी के विरुद्ध लगातार अभियान चला रही है तथा आम जनता से भी अपील की है कि नौकरी या निवेश के नाम पर किसी भी संस्था को धनराशि देने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच अवश्य करें।


