जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में दोबारा जांच की मांग, प्रशासन ने मांगी नई रिपोर्ट
- ज्योति सिंह
कानपुर नगर। कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां का इलाज के दौरान हाथ काटे जाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया। जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर आईटीबीपी के कई जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए, जिससे पूरे परिसर में हलचल का माहौल बन गया। बाद में प्रशासन द्वारा दोबारा जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
मामला महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात आईटीबीपी कांस्टेबल विकास सिंह की मां निर्मला देवी से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार 13 मई को सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें टाटमिल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही के कारण उनके हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। बाद में दूसरे अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा।
घटना के बाद जवान की ओर से अस्पताल पर मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) स्तर पर गठित चिकित्सकों की समिति द्वारा कराई गई। जांच रिपोर्ट में अस्पताल को राहत मिलने के बाद परिजनों और आईटीबीपी जवानों ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए।

इस बीच बड़ी संख्या में आईटीबीपी जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। हालांकि आईटीबीपी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का घेराव या विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि पहले से तय मुलाकात के तहत पुलिस अधिकारियों से वार्ता की गई।
कहा कि जवान से जुड़े पारिवारिक मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बातचीत की गई है और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है तथा तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं एसीपी कानून व्यवस्था विपिन ताडा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रकरण को जांच के लिए सीएमओ कार्यालय भेजा गया था। अब शिकायतकर्ता द्वारा उठाई गई आपत्तियों को दोबारा परीक्षण के लिए सीएमओ कार्यालय भेजा गया है।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार और पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गईं।


