World Tourism Day 2025: क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस और क्या है इस साल की थीम

समय टुडे डेस्क।
हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन के महत्व को समझाना और इसके आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान पर जागरूकता फैलाना है। भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर करती है, और इसी कारण यह दिन दुनियाभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
पर्यटन का महत्व:
पर्यटन न केवल नई जगहों और संस्कृतियों से जोड़ता है, बल्कि यह किसी देश की आर्थिक मजबूती और स्थानीय विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। भारत में ताजमहल, कश्मीर, शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थल हर साल लाखों सैलानियों को आकर्षित करते हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और आजीविका को बढ़ावा मिलता है। यही कारण है कि विश्व पर्यटन दिवस को खास महत्व दिया जाता है।

विश्व पर्यटन दिवस का इतिहास:
वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन (UNWTO) की स्थापना 1970 में हुई थी। 1980 में इस संगठन ने फैसला किया कि हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाएगा। यही दिन पर्यटन को प्रोत्साहन और विकास का प्रतीक बन गया। यह दिन दर्शाता है कि पर्यटन केवल यात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समृद्धि का भी माध्यम है।
विश्व पर्यटन दिवस 2025 की थीम:
इस साल की थीम है “पर्यटन और सतत परिवर्तन”। इसका मकसद रोजगार के अवसर बढ़ाना, समावेशिता को प्रोत्साहित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। भारत में कई ऐसे स्थल हैं जो इस थीम को बखूबी दर्शाते हैं। उत्तराखंड का चकराता पहाड़ों से घिरा शांत स्थल है, वहीं हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियां और अन्य प्राकृतिक स्थल सैलानियों को सुकून और शांति प्रदान करते हैं।
विश्व पर्यटन दिवस केवल पर्यटन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि सतत और जिम्मेदार पर्यटन हमारी सांस्कृतिक धरोहर और आर्थिक विकास दोनों के लिए जरूरी है।



