जनवरी 2025 से अब तक अमेरिका से 2417 भारतीय लौटे: विदेश मंत्रालय

- नेहा पाठक
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि जनवरी 2025 से अब तक 2,417 भारतीय नागरिकों को संयुक्त राज्य अमेरिका से निर्वासित या प्रत्यावर्तित किया गया है।
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत अवैध प्रवास का कड़ा विरोधी है और सरकार का उद्देश्य केवल वैध व कानूनी प्रवास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका के साथ प्रवासन मामलों में नज़दीकी सहयोग कर रहा है।
जायसवाल ने बताया, “जब भी कोई व्यक्ति किसी देश में कानूनी दर्जे के बिना पाया जाता है और उसके भारतीय नागरिक होने का दावा किया जाता है, तो हम उसकी पृष्ठभूमि व राष्ट्रीयता की जांच करते हैं। सत्यापन पूरा होने पर ही उसे वापस लिया जाता है। अमेरिका से निर्वासन के मामलों में यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है।”
अवैध प्रवास पर सख्ती
प्रवक्ता ने वीज़ा धोखाधड़ी और अवैध प्रवास को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ भारत के प्रयासों को कमजोर करती हैं, क्योंकि सरकार वैध प्रवास के लिए कानूनी रास्ते को प्रोत्साहित करना चाहती है। इस दिशा में केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है और नियमित परामर्श जारी कर नागरिकों को असुरक्षित अवसरों से बचने की सलाह दी जा रही है।
नवीनतम आंकड़े
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक लगभग 1080 भारतीय अमेरिका से लौटे हैं या उन्हें निर्वासित किया गया है, जिनमें से 62 प्रतिशत वाणिज्यिक उड़ानों से वापस आए।
यह आँकड़े भारत-अमेरिका के बीच प्रवासन संबंधी सहयोग की गहराई को दर्शाते हैं।
भारतीय छात्रों पर जोर
प्रवासन के अलावा, जायसवाल ने भारतीय छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वीज़ा मार्गदर्शन में बदलाव संबंधी रिपोर्टों पर भारत नज़र बनाए हुए है। उन्होंने कहा, “विदेशों में भारतीय छात्रों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमें उम्मीद है कि उनके आवेदन योग्यता के आधार पर स्वीकार होंगे और वे समय पर शैक्षणिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे।”



