कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने प्रश्नावली में प्रमाणित जातियों की ड्रॉपडाउन सूची शामिल करने की मांग की; कानपुर की बदहाल सड़कों और नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता साधना भारती ने प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार की जातिगत जनगणना प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रारूप में कई मूलभूत कमियां हैं और इससे जातिगत जनगणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
साधना भारती ने कहा कि कांग्रेस मौजूदा प्रश्नावली को स्वीकार नहीं करती है और इसे रद्द कर प्रमाणित जातियों की ड्रॉपडाउन सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि नई प्रश्नावली तैयार करने से पहले राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और आम लोगों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक जाति और समुदाय की वास्तविक संख्या का सही आंकड़ा सामने आ सके।
उन्होंने प्रश्नावली के सवाल नंबर 10 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें जाति दर्ज करने के लिए ओपन-एंडेड विकल्प रखा गया है। उनके अनुसार अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में एक ही जाति अलग-अलग नाम, उपजाति अथवा वर्तनी के साथ दर्ज की जा सकती है। इससे एक ही जाति के आंकड़े अलग-अलग नामों में बंटने की आशंका है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि प्रश्नावली में ‘पिछड़ा वर्ग’ शब्द शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ओबीसी और ईबीसी समाज की वास्तविक आबादी का आंकड़ा किस तरह सामने आएगा। उन्होंने दावा किया कि सटीक जातिगत आंकड़े उपलब्ध नहीं होने से आरक्षण, शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं में वंचित वर्गों की हिस्सेदारी तय करने में कठिनाई हो सकती है।
साधना भारती ने कहा कि देश और विभिन्न राज्यों में जातियों की प्रमाणित सूचियां उपलब्ध हैं। ऐसे में जातिगत जनगणना की प्रक्रिया में ड्रॉपडाउन सूची को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि यदि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पास ओबीसी जातियों की सूची उपलब्ध है, तो उसे जातिगत जनगणना की प्रक्रिया में शामिल क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने केंद्र सरकार के वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे का भी हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने उस समय जातिगत जनगणना के लिए पहले से जातियों की ड्रॉपडाउन सूची तैयार करने की आवश्यकता को स्वीकार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार इस व्यवस्था से पीछे हट रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी वर्ष 2021 से जातिगत जनगणना की मांग करती रही है और राहुल गांधी वर्ष 2023 से लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जातिगत जनगणना की प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि अभी भी सरकार के पास प्रक्रिया में आवश्यक सुधार करने का अवसर है। कांग्रेस पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रमाणित तरीके से जातिगत जनगणना कराने की मांग पर कायम है।
टूटी सड़कों और भ्रष्टाचार को लेकर भी भाजपा पर हमला
प्रेस वार्ता के दौरान साधना भारती ने कानपुर की खराब सड़कों और नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की टूटी सड़कें और जगह-जगह बने गड्ढे विकास के दावों की वास्तविकता सामने ला रहे हैं।
उन्होंने नगर निगम में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक संवेदनहीनता के आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
प्रेस वार्ता में कानपुर महानगर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता, प्रतिभा अटल पाल, शंकर दत्त मिश्रा, पदम मिश्रा, राकेश साहू, डॉ. संतोष त्रिपाठी, शीलू श्रीवास्तव, अमिताभ दत्त मिश्रा, विनोद अवस्थी, रामनवल कुशवाहा, शिव शंकर, मणि तिवारी, रामदेव पाल और राजेश भारती सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


