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मनरेगा का नाम बदलने पर विपक्ष का विरोध, संसद परिसर में प्रदर्शन

  • नेहा पाठक

नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदले जाने के प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने गुरुवार को संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं सहित कई विपक्षी सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकालते हुए कहा कि “महात्मा गांधी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

विपक्षी सांसद हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार पर महात्मा गांधी का नाम हटाने का आरोप लगाया। इस दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया गया।

लोकसभा में बुधवार को विकसित भारत-ग्राम जी (ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन) संशोधन विधेयक पर करीब 14 घंटे तक लंबी बहस हुई। विपक्ष ने विधेयक को स्थायी समिति को भेजने की मांग की, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इसे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बताया।

कांग्रेस सांसदों ने मनरेगा का नाम बदलने और इसके वित्तपोषण के पैटर्न में बदलाव पर कड़ा ऐतराज जताया। कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजने की मांग करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विधेयक है, जिस पर विस्तृत जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लंबी बहस और बड़ी संख्या में सांसदों की भागीदारी ही इसके महत्व को दर्शाती है।

कांग्रेस सांसद वामसी कृष्ण गद्दाम ने सरकार के फैसलों को अनावश्यक बताते हुए कहा कि देश की जनता महात्मा गांधी से प्रेम करती है और इस योजना से उनका नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अब इस योजना में राज्यों पर अधिक वित्तीय बोझ डाल रही है।

वहीं कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने सरकार पर विधेयक को जल्दबाजी में पारित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नाम परिवर्तन का कड़ा विरोध करती है और सरकार देश के इतिहास को बदलने का प्रयास कर रही है।

इस बीच, 18वीं लोकसभा का छठा सत्र गुरुवार को सुबह 11 बजे शुरू होगा। सत्र में नियम 193 के तहत दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और इसके सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर विशेष चर्चा की जाएगी। इस मुद्दे पर सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, कनिमोझी करुणानिधि और बंसुरी स्वराल अपनी बात रखेंगी।

सदन की कार्यवाही की शुरुआत पूर्व सांसदों दारूर पुल्लैया, प्रोफेसर महादेवराव शिवंकर, कुसुमा कृष्ण मूर्ति और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इसके बाद प्रश्नकाल और संबंधित मंत्रियों के उत्तर प्रस्तुत किए जाएंगे।


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