कानपुर का पुलिसवाला बना फरिश्ता: सड़क पर राहगीर को हार्ट अटैक के दौरान CPR देकर बचाई जान

मूलगंज में हार्ट अटैक आने पर चौकी प्रभारी रोहित तोमर ने सीपीआर देकर व्यक्ति को होश में लाया।इस घटना से सीपीआर के महत्व को बल मिला है।
- अंकित बाजपेई
कानपुर नगर। मंगलवार दोपहर एक आम राहगीर अचानक हार्ट अटैक का शिकार हो गया, लेकिन मौके पर मौजूद चौकी प्रभारी बकरमंडी, रोहित तोमर ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसकी जान बचा ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और पुलिसकर्मी की बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है।
घटना का क्रम:
मूलगंज के व्यस्ततम चौराहे पर करीब साढ़े 11 बजे, 50 वर्षीय एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ खड़ा था, तभी उसे हार्ट अटैक आया और वह बेसुध होकर गिर पड़ा। भयभीत पत्नी और आसपास के राहगीर मदद के लिए जुट गए।
इस पर चौकी प्रभारी रोहित तोमर तुरंत पहुंचे और सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। महज 20 सेकंड में व्यक्ति को होश आ गया। इसके बाद उसे पत्नी के साथ उर्सुला अस्पताल भेजा गया।
सीपीआर का प्रशिक्षण काम आया
रोहित तोमर ने बताया कि उन्होंने सीपीआर देने का प्रशिक्षण पिछले वर्ष दैनिक जागरण द्वारा आयोजित शिविर में प्राप्त किया था। उनका त्वरित और साहसी कदम व्यक्ति की जान बचाने में निर्णायक साबित हुआ।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि रोहित तोमर के साथ-साथ मरीज की पत्नी भी मुंह से सांस देने का प्रयास कर रही है, जबकि एक अन्य व्यक्ति हाथ सहलाकर मदद कर रहा है।
रोहित तोमर को महिला ने जताया आभार
मरीज की पत्नी ने चौकी प्रभारी रोहित तोमर का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके त्वरित कदम के कारण उनके पति की जान बची। इसके बाद दंपती को उर्सुला अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर होने के बाद उन्हें घर रवाना कर दिया गया।
सीपीआर कैसे करें:
- व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो, तो दोनों हाथों को छाती के बीच रखें।
- शरीर का वजन डालते हुए प्रति मिनट 100-120 बार तेजी से दबाव डालें।
- प्रशिक्षित लोग हर 30 दबावों के बाद दो बार मुंह से सांस दें।
- छाती दबाते और सांस देते रहें जब तक व्यक्ति होश में न आ जाए या पेशेवर मदद न पहुंच जाए।
सीपीआर की जरूरत पड़ती है:
- करंट लगने से बेहोश होने पर।
- अचानक बेहोश होने पर।
- पानी में गिरने या दम घुटने की स्थिति में।



