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अयोध्या में दीपोत्सव 2025: त्रेता युग की झलक, दो विश्व रिकॉर्ड और CM योगी की भव्य अध्यक्षता

अयोध्या में दीपोत्सव 2025 का भव्य आयोजन हुआ, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू तट पर मां सरयू की आरती कर किया। लाखों दीपों से जगमगाती अयोध्या में सीएम योगी ने कहा कि यह नया भारत है जो अपनी आस्था, अस्मिता और विकास में आत्मविश्वास से चमक रहा है। उन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाने वालों और अयोध्या को लहूलुहान करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार ने अयोध्या को अपमान से मुक्ति दिलाई है। यह दीपोत्सव उत्तर प्रदेश की नई पहचान है।  

  • अनुराधा सिंह / दिवाकर गुप्ता

अयोध्या। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या रविवार को दीपोत्सव 2025 के भव्य आयोजन से जगमगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू तट पर मां सरयू की आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लाखों दीपों की रौशनी ने पूरे शहर को आलोकित कर दिया और संतों ने इसे त्रेता युग की पुनरावृत्ति बताते हुए सीएम की प्रशंसा की।

संतों की प्रशंसा और त्रेता युग की अनुभूति
जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य महाराज ने कहा, “हमारी कल्पना राम पैड़ी पर मां सरयू दीप जलाती हैं और श्रीराम की प्रतीक्षा करती हैं। अब योगी जी के नेतृत्व में वह कल्पना साकार हो गई। शरीर कलियुग में है, लेकिन मन त्रेता युग में जी रहा है।”
पूर्व सांसद रामविलास वेदांती महाराज ने कहा कि अयोध्या में ऐसा दीपोत्सव किसी ने सोचा भी नहीं था, लेकिन सीएम योगी ने इसे संभव कर दिखाया। जगतगुरु रामानुजाचार्य राघवाचार्य जी ने कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या को अंधकार में धकेल दिया था, लेकिन अब यह प्रकाश की राजधानी बन गई है।

सीएम योगी का संदेश: अयोध्या को अपमान से मुक्ति
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने अयोध्या को अपमान और लहूलुहान इतिहास से मुक्ति दिलाई। उन्होंने राम भक्तों पर हुए हमलों और अयोध्या में पहले के दुष्प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि आज अयोध्या 26 लाख 17 हजार से अधिक दीपों की रौशनी में जगमगा रही है। यह दीप स्थानीय प्रजापति और कुम्हार समुदाय की मेहनत का परिणाम हैं।

सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जनता को गुलामी की मानसिकता में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश अंधकार से उजाले की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बिना रुके और बिना झुके विकास की यात्रा जारी रखेगी और पूरा राज्य इस नव दीपोत्सव से वैश्विक पहचान हासिल कर रहा है।

द्वितीय विश्व रिकॉर्ड और दीपोत्सव की भव्यता
इस दीपोत्सव में दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने:

  • 26,17,215 दीपों को एक साथ जलाकर सबसे बड़ी संख्या में तेल के दीये जलाने का रिकॉर्ड।
  • 2,128 लोगों द्वारा एक साथ सरयू आरती करने का रिकॉर्ड।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने प्रमाणित किया कि ये रिकॉर्ड सफलतापूर्वक स्थापित हुए।

रामायण काल की झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
उत्तर प्रदेश पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के नेतृत्व में 22 झांकियों का आयोजन किया गया, जिसमें रामायण के सातों कांडों और अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किन्धाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड का जीवंत प्रदर्शन किया गया। कलाकारों ने संगीत, नृत्य और अभिनय के माध्यम से त्रेतायुग की मर्यादा, भक्ति और आदर्शों को जीवंत किया।

योगी ने विक्रमादित्य की परंपरा पुनर्जीवित की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अयोध्या को सजाया था, और उन्होंने उसी परंपरा को आधुनिक रूप में पुनर्जीवित किया। दीपोत्सव न केवल भव्य और दिव्य रहा, बल्कि अयोध्या को विकास और विरासत का संगम प्रस्तुत करने वाला उत्सव बना।

“आज अयोध्या दीपों के सागर में नहाई, त्रेता युग की अनुभूति, और नया भारत अपनी आस्था, अस्मिता और विकास में जगमगाता दिख रहा है।” 

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