कला, सृजनशीलता और अनुशासन से विद्यार्थियों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह को बनाया खास, कुलपति ने की प्रतिभा और प्रयासों की सराहना
- रितिका शुक्ला
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के 31वें दीक्षांत समारोह को गरिमामय एवं सफल बनाने में ललित कला संस्थान के विद्यार्थियों ने अपनी कला प्रतिभा, सृजनशीलता, अनुशासन और समर्पण से उल्लेखनीय योगदान दिया। विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयासों ने समारोह की भव्यता में विशेष रंग भरने का काम किया।
समारोह के उपरांत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने ललित कला संस्थान के विद्यार्थियों के साथ आत्मीय परिचर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों के अथक परिश्रम, रचनात्मक योगदान और कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर अमित चौधरी एवं उनकी टीम द्वारा दीक्षांत समारोह के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों पर आधारित एक वीडियो प्रस्तुति कुलपति के समक्ष प्रस्तुत की गई। कुलपति ने वीडियो को रुचिपूर्वक देखा और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
समारोह की साज-सज्जा में रंगोली टीम ने भी अपनी कला-कौशल की सुंदर छटा बिखेरी। टीम का निर्देशन कला अध्यापक गजेंद्र सिंह ने किया, जबकि काजल ओझा, निशा और आदेश ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

दीक्षांत समारोह में आमंत्रित अतिथियों को भेंट स्वरूप पारंपरिक पिछवई चित्रकला की कलाकृतियां प्रदान की गईं। इन कलाकृतियों के सृजन में गजेंद्र सिंह, शिवानी कुशवाहा, चंचल साहू, अभिमान कुमार, आदर्श एवं काजल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके अलावा बुंदेली वसुधा सात दिवसीय कार्यशाला, फाइन आर्ट्स फेयर-2026 और बुंदेली वसुधा कला प्रदर्शनी में प्रतिभागी एवं वालेंटियर के रूप में दीपिका राजपूत, फैसल उस्मानी, आदर्श राजपूत, सलोनी साहू, प्रिया यादव, अमित चौधरी, सत्यम एवं बृजेंद्र ने पूरे उत्साह, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ सहयोग किया।
विद्यार्थियों ने आयोजन में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ-साथ अपनी कला, श्रम और संवेदनशील रचनात्मक दृष्टि से विश्वविद्यालय के गौरवपूर्ण आयोजनों को विशिष्ट पहचान प्रदान की।
विद्यार्थियों के सामूहिक योगदान की सराहना करते हुए कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने उन्हें निरंतर सृजनशील बने रहने और कला के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों के लिए कुलपति के साथ यह आत्मीय संवाद बेहद भावुक और अविस्मरणीय क्षण रहा।
कुलपति के स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ने विद्यार्थियों के मन में यह भावना और मजबूत की कि उनकी मेहनत, कला और रचनात्मक प्रयास विश्वविद्यालय परिवार के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह आत्मीय मिलन विद्यार्थियों के लिए केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि भविष्य की रचनात्मक यात्रा में आगे बढ़ने की प्रेरणादायी स्मृति भी बन गया।
आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सहयोगी मित्रों, प्रतिभागियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


