अवैध हथियार-गोला बारूद तस्करी मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई: तीन राज्यों में 22 ठिकानों पर छापे, चार आरोपी गिरफ्तार

- सोनाली सिंह
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अवैध हथियार और गोला-बारूद की तस्करी से जुड़े एक बड़े संगठित नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए गुरुवार को तीन राज्यों में 22 जगहों पर एकसाथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में एजेंसी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एनआईए की टीमें बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में तड़के से शुरू हुए इस अभियान में लगी रहीं।
- बिहार के नालंदा, शेखपुरा और पटना जिलों में 7 स्थानों पर
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में 13 स्थानों पर
- हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में 2 स्थानों पर
एक साथ तलाशी ली गई।
छापेमारी में भारी मात्रा में हथियार, नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद
तलाशी के दौरान एजेंसी ने विभिन्न बोर के कई अवैध हथियार, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, 1 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, आपत्तिजनक डेटा से लैस कई डिजिटल उपकरण, और फर्जी व संदिग्ध पहचान दस्तावेज बरामद किए। बरामद सामग्री को तस्करी नेटवर्क की व्यापकता और उसकी संगठित संरचना का संकेत माना जा रहा है।
चार आरोपी गिरफ्तार
तलाशी के बाद एनआईए ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया—
- शशि प्रकाश (पटना, बिहार)
- रवि रंजन सिंह (शेखपुरा, बिहार)
- विजय कालरा और कुश कालरा (कुरुक्षेत्र, हरियाणा)
एजेंसी का कहना है कि ये सभी एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा थे, जो अवैध गोला-बारूद की तस्करी, उसकी खरीद-बिक्री और सप्लाई चेन को संचालित कर रहा था।
तस्करी का नेटवर्क: हरियाणा से यूपी, फिर बिहार और अन्य राज्यों तक
एनआईए की दर्ज केस (RC-01/2025/NIA/PAT) के अनुसार, यह नेटवर्क हरियाणा से गोला-बारूद की तस्करी कर उसे उत्तर प्रदेश, फिर साजिश के तहत बिहार और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाता था। यह कई राज्यों में फैला हुआ एक संगठित और सक्रिय सिंडिकेट था।
जुलाई में मिली थी शुरुआती लीड
यह मामला जुलाई 2025 में तब सामने आया जब बिहार पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किए थे और चार आरोपियों—राजेंद्र प्रसाद, कुमार अभिजीत, शत्रुधन शर्मा, और विशाल कुमार—को गिरफ्तार किया था। आगे की जाँच में तस्करी नेटवर्क के विस्तार के संकेत मिलने के बाद, अगस्त में गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने इस मामले को अपने हाथ में लिया।
एनआईए ने कहा है कि मामले में जाँच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



