IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने हरियाणा DGP और रोहतक SP की गिरफ्तारी की मांग की

- ऋषि कुमार पाण्डेय
गुरुग्राम। हरियाणा कैडर की IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने अपने पति, IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर और रोहतक के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र बिजारनिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अमनीत ने दोनों अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, सार्वजनिक अपमान और झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
अमनीत कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस को दी चार पन्नों की शिकायत में कहा है कि उनके पति की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि “प्रणालीगत उत्पीड़न और जातीय भेदभाव का परिणाम” है। उन्होंने मांग की कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (पूर्व में IPC 306 — आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने लिखा, “मैं यह शिकायत एक सरकारी अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक दुखी पत्नी और मां के रूप में लिख रही हूं, जिसने अपने जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी झेली है। मेरे पति को डीजीपी और रोहतक एसपी ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया।”
शिकायत में उल्लेख है कि आईपीएस वाई. पूरन कुमार ने मौत से पहले नौ पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए उत्पीड़न और जातीय भेदभाव का जिक्र था। अमनीत ने बताया कि यह नोट उनके पति के लैपटॉप बैग में मिला, जिसकी एक प्रति पुलिस को सौंपी जा चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को “सालों तक वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक रूप से अपमानित और परेशान” किया गया। यहां तक कि पुलिस परिसर में मंदिर की प्रार्थनाओं से भी उन्हें दूर रखा जाता था। उन्होंने कहा कि यह लगातार मानसिक उत्पीड़न आत्महत्या के लिए उकसाने के बराबर है।
अमनीत ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब वे जापान के आधिकारिक दौरे पर थीं और खबर मिलते ही तुरंत भारत लौटीं। उन्होंने कहा, “मेरे पति निर्दोष, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उन्होंने हमेशा कानून का पालन किया और जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा। लेकिन शक्तिशाली वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी पद का दुरुपयोग कर उन्हें तोड़ दिया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि DGP के निर्देश पर उनके पति के स्टाफ के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया था, ताकि कुमार को फंसाने की नींव रखी जा सके। इससे पहले कुमार ने DGP और रोहतक SP दोनों से बात करने की कोशिश की थी, लेकिन बिजारनिया ने “जानबूझकर कॉल रिसीव नहीं की।”
IAS अधिकारी ने कहा, “यह कोई साधारण आत्महत्या नहीं है, बल्कि एक साजिश का नतीजा है। अगर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे सबूत नष्ट कर सकते हैं या जांच को प्रभावित कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “मेरे बच्चों को जवाब चाहिए। मेरे पति की ईमानदारी और सेवा को चुप्पी नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान मिलना चाहिए। यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि हर उस ईमानदार अधिकारी का है जो तंत्र में निष्ठा से काम करता है।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत बुधवार देर रात चंडीगढ़ के सेक्टर 11 थाने में दर्ज कराई गई है। वहीं, शत्रुजीत कपूर और नरेंद्र बिजारनिया से संपर्क करने की कोशिश की गई है। उनके जवाब मिलने पर जानकारी अपडेट की जाएगी।
मामला अब हरियाणा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं और राज्य के पुलिस तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं।



