नेपाल ने 100 रुपये के नोट पर भारत के 3 इलाके दिखाए, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

- सोनाली सिंह
नई दिल्ली। नेपाल ने अपने नए 100 रुपये के नोट पर जो नक्शा छापा है, उसमें लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है। यह कदम भारत के साथ पहले से चल रहे सीमा विवाद को और बढ़ा गया है। भारत ने इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करार दिया है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर नेपाल के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई। मंत्रालय ने कहा कि यह एक “एकतरफा काम” है और इससे ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती। भारत ने नेपाल से इस विषय पर बातचीत और संवेदनशीलता दिखाने की अपेक्षा जताई है।
नेपाल नोट में सुरक्षा और डिजाइन अपडेट
नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने नए नोट में सुरक्षा फीचर्स मजबूत किए हैं ताकि नकली नोट और असली नोट में आसानी से पहचान हो सके। नोट को आधुनिक और उपयोग में सरल बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। पिछले साल अक्टूबर में इन नोटों की छपाई का काम चीनी कंपनी चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन को सौंपा गया था।
नोट का डिजाइन और फीचर्स
- बाईं ओर माउंट एवरेस्ट, दाईं ओर रोडोडेंड्रोन (नेपाल का राष्ट्रीय फूल) का वॉटरमार्क।
- बीच में नेपाल का नक्शा और अशोक स्तंभ की तस्वीर।
- मुख्य चित्र: सींग वाले गैंडा और उसका बच्चा।
- दृष्टिबाधित लोगों के लिए अशोक स्तंभ के पास काला उभरा हुआ डॉट।
- बाईं ओर अंडाकार फ्रेम में सिल्वर मेटैलिक इंक से माया देवी की छवि।
- नोट पर सरकार की ओर से 100 नेपाली रुपये का भुगतान करने की गारंटी भी अंकित।
नोट के डिजाइन को मई 2024 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। उस समय बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने की थी। गौरतलब है कि नेपाल ने मई 2020 में नया संविधान संशोधन पास करके एक नया मानचित्र जारी किया था, जिसमें विवादित क्षेत्र शामिल हैं।



