फर्जी लोन के नाम पर जीएसटी फर्जीवाड़ा करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश

- अंकित बाजपेई
कानपुर नगर। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों के पैन, आधार और रिहायशी विवरण हासिल कर उनके नाम से फर्जी फर्म खोलने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी इन फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी पंजीकरण कराकर बैंक खाते खुलवाते थे और बड़े पैमाने पर धनराशि का लेन-देन कर उसे डाइवर्ट करते थे।
जांच में अब तक 38 बोगस कंपनियों का पता चला है, जिनके माध्यम से करीब ₹250 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। हैरानी की बात यह है कि एक रिक्शा चालक के नाम से खोली गई फर्जी फर्म के खाते में ₹1.50 करोड़ फ्रीज कराए गए, जबकि उसे इसकी जानकारी तक नहीं थी।
मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। आरोपियों के कब्जे से 30 मोबाइल फोन और 52 चाबियां बरामद हुई हैं।
पुलिस द्वारा जीएसटी विभाग और संबंधित बैंकों के साथ समन्वय कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।



