दिल्ली में धुंध और प्रदूषण का कहर, कई इलाकों में AQI 400 के पार

- नेहा पाठक
नई दिल्ली। शनिवार सुबह दिल्ली में घनी धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 380 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। कई क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर बनी रही।
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, सराय काले खान और आनंद विहार में AQI 428, अक्षरधाम में 420, आईटीओ क्षेत्र में 429 और अशोक विहार में 407 दर्ज किया गया। वहीं, राव तुलाराम मार्ग पर AQI 403 और बारापुल्ला फ्लाईओवर के पास 380 रहा। इन इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण के सभी प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। GRAP-IV के तहत गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों पर रोक, कुछ डीजल वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर सख्त निगरानी शामिल है।
AQI मानकों के अनुसार, 0-50 को ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बेहद खराब’ और 401-500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।
इस बीच, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम के पालन की समीक्षा के लिए दिल्ली-गुरुग्राम सीमा, जनपथ सहित कई पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पंप कर्मचारियों को नियमों को शांति और विनम्रता के साथ लागू करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि यह अभियान चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने स्पष्ट संकेत बोर्ड, घोषणाओं और बेहतर कतार प्रबंधन पर भी जोर दिया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 17 दिसंबर को 29,938 पीयूसीसी जारी किए गए, जबकि 18 दिसंबर को शाम 5:20 बजे तक 31,974 नए प्रमाणपत्र बनाए गए। इस तरह एक दिन में कुल संख्या 61,000 से अधिक हो गई।
मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों द्वारा पीयूसीसी बनवाना यह दर्शाता है कि नागरिक स्वच्छ हवा से जुड़े प्रयासों में सरकार का सहयोग कर रहे हैं।



