आईसीटी सुविधाओं को भी किया जाएगा मजबूत, भारत सरकार ने प्रत्येक केवीके के लिए जारी किया बजट
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। कृषि अनुसंधान एवं कृषि प्रसार गतिविधियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आईसीएआर–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन-III, कानपुर ने उत्तर प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) में आधुनिक निगरानी प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश के 87 कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रक्षेत्रों में हाईटेक डोम सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा।
अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने मंगलवार को आयोजित वर्चुअल बैठक में प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्षों एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक केवीके के लिए आवश्यक पूंजीगत बजट जारी कर दिया गया है। इस बजट के माध्यम से डोम सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली की स्थापना के साथ-साथ आईसीटी अवसंरचना को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र में कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर एवं अन्य आवश्यक आईटी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे केंद्रों की डिजिटल कार्यक्षमता और प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
बैठक में डॉ. राघवेंद्र सिंह एवं अटारी के वैज्ञानिकों ने डोम सीसीटीवी कैमरों की स्थापना से संबंधित तकनीकी मानकों और कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगभग 40 फीट ऊंचा पोल स्थापित किया जाएगा, जिस पर 10 मेगापिक्सल क्षमता वाले तीन हाई-डेफिनिशन (HD) डोम सीसीटीवी कैमरे अलग-अलग दिशाओं में लगाए जाएंगे। इससे पूरे प्रक्षेत्र की प्रभावी और व्यापक निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र कृषि अनुसंधान, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, किसानों के प्रशिक्षण एवं कृषि प्रसार गतिविधियों के प्रमुख केंद्र हैं। आधुनिक निगरानी प्रणाली के माध्यम से बुवाई, रोपाई, निराई-गुड़ाई, सिंचाई, फसल प्रबंधन तथा कटाई जैसी कृषि गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।
इसके अलावा यह व्यवस्था महिला श्रमिकों की सुरक्षा, अनुसंधान एवं प्रदर्शन इकाइयों की निगरानी, आगंतुकों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा आवारा एवं जंगली पशुओं से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक के अंत में अटारी निदेशक ने सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्षों को निर्देशित किया कि निर्धारित मानकों के अनुरूप सीसीटीवी एवं आईसीटी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर स्थापना का कार्य समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक निगरानी प्रणाली और मजबूत डिजिटल अवसंरचना से कृषि विज्ञान केंद्रों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनेगी, जिससे कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं कृषि प्रसार कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी।


