
एक्सप्रेस-वे, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं फायर सुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश, समयबद्ध गुणवत्ता पूर्ण कार्य पर जोर
अनुराधा सिंह
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं, औद्योगिक अवसंरचना, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर, ग्रामीण आजीविका, ईवी चार्जिंग एवं जनहित से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जाएं और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला स्तरीय महिला एवं पुरुष चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त हो चुकी है अथवा जिनके पास वैध फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे सहित अन्य प्रमुख परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त भूमि की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित की जाए, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना को समय की आवश्यकता बताते हुए आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं को सरल बनाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निजी क्षेत्र के निवेश को भी प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
ऊर्जा क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने लाइन लॉस के संबंध में फीडरवार जवाबदेही तय करने तथा बिजली चोरी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, जिससे उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सके।


