राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में सात नए निर्माण कार्यों का किया उद्घाटन


राज्यपाल जी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि बहुत ही सुंदर निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि के भीतर पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी भवन की नींव (फाउंडेशन) मजबूत होने पर ही वह लंबे समय तक टिकाऊ बनता है।
- शालिनी शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग द्वारा पूर्ण किए गए सात निर्माण कार्यों का उद्घाटन सोमवार को राजभवन के गांधी सभागार में हुआ।
इन कार्यों में पुराने कोयला गोदाम का जीर्णोद्धार कर ओपन मोटर गैराज का निर्माण, 400 केवीए क्षमता के दो आधुनिक जनरेटर की स्थापना, 400 किलोवॉट सोलर प्लांट का लगना, राजभवन परिसर में अग्निशमन प्रणाली का उच्चीकरण, गांधी सभागार में चिलर टाइप एसी संयंत्र की स्थापना, पुराने किचन को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित कॉमर्शियल किचन में बदलना और मुख्य भवन, सचिवालय व कर्मयोगी भवन की छतों पर चाइना मोजैक कार्य शामिल हैं।

राज्यपाल ने कहा कि इन कार्यों से राजभवन परिसर न केवल और अधिक सुंदर और सुसज्जित हुआ है, बल्कि तकनीकी रूप से सुदृढ़ और पर्यावरण अनुकूल भी बन गया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए बधाई दी।
इंजीनियरों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि किसी भी भवन का डिजाइन उसकी उपयोगिता को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि आंगनबाड़ी का भवन बनाया जाए तो उसका ढांचा छोटे बच्चों की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि डिजाइन बनाते समय दीर्घकालिक उपयोगिता, बचत और अनावश्यक खर्च से बचने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही खुले और हवा में लटकते विद्युत तारों को अंडरग्राउंड करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि राजभवन में हुए सभी निर्माण कार्यों के डिजाइन सुरक्षित रखे जाएँ, ताकि भविष्य में विस्तार या नए कार्यों के लिए उनका उपयोग किया जा सके।



