विशेषज्ञों ने बताया— मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम पोषण और सुरक्षा कवच
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर भारतीय बालरोग अकादमी एवं लेडीज लेनिन कम्फर्ट्स लीग के संयुक्त तत्वावधान में डफरिन हॉस्पिटल, परेड में माताओं के लिए स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को स्तनपान के महत्व एवं इसके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सविता रस्तोगी एवं डॉ. कमल धवन ने किया। इस दौरान डॉ. सविता रस्तोगी ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीबॉडीज शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं और उसे विभिन्न संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती हैं। उन्होंने माताओं से जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करने और पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने की अपील की।
डॉ. कमल धवन ने विश्व स्तनपान सप्ताह की इस वर्ष की थीम पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए स्तनपान से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित माताओं से स्तनपान संबंधी प्रश्न पूछे, जिनके सही उत्तर देने वाली माताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में अलका जैन, उषा अग्रवाल, कृष्ण अग्रवाल, मीना अग्रवाल, मीरा गर्ग, अर्चना, विनीता रोहतगी, नीलम जैन, लक्ष्मी खन्ना, नमिता जैन सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। डफरिन हॉस्पिटल की अधीक्षक एवं अन्य चिकित्सकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर माताओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी माताओं से शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए स्तनपान को प्राथमिकता देने तथा अन्य महिलाओं को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया।


