
50 प्रशिक्षणार्थियों ने सीखी आधुनिक मशरूम उत्पादन तकनीक, सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की भी दी गई जानकारी
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के पादप रोग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित छह दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। 20 से 25 जुलाई, 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेशभर से 50 प्रशिक्षणार्थियों, जिनमें 10 महिलाएं शामिल थीं, ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ इसके व्यावसायिक एवं स्वरोजगार संबंधी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, डॉ. विनीता सिंह, डॉ. शिवानी चौधरी, डॉ. सिद्धार्थ सिंह, डॉ. सेंथिलकुमार एस. तथा कीट विज्ञान विभाग की श्रीमती रोशनी ने प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम का इतिहास, श्वेत बटन एवं ढिंगरी (ऑयस्टर) मशरूम उत्पादन तकनीक, मूल्य संवर्धित उत्पाद, मशरूम व्यंजन, बीमारियों की पहचान एवं प्रबंधन, फार्म संरचना तथा खेती के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान की जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी उमेश चन्द्र, भारत एग्रीटेक के फाउंडर एवं डायरेक्टर डॉ. धनंजय सिंह तथा एमएसएमई के प्रतिनिधि शिवम त्रिपाठी ने भी प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से संबंधित सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, बैंक ऋण, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (PMFME) योजना, स्पॉन उत्पादन तथा आधुनिक मशरूम फार्म की स्थापना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
कार्यक्रम के अंतिम दिन विशेषज्ञों ने प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें भविष्य में मशरूम उत्पादन से संबंधित कार्यों में सहायता के लिए प्रशिक्षण मैनुअल भी उपलब्ध कराया।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों, युवाओं और महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना तथा मशरूम उत्पादन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में बढ़ावा देना है।


