राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में शिविर, 150 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा; हीमोग्लोबिन और बीएमआई की भी हुई जांच
- हरिओम गुप्ता
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में एक दिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता के मार्गदर्शन में जीवनधारा चैरिटेबल ब्लड सेंटर, कानपुर के सहयोग से किया गया। शिविर में कुल 30 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रश्मि सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान कानपुर परिसर की विभिन्न एनएसएस इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। इनमें डॉ. राजीव कुमार (एनएसएस इकाई-01), डॉ. अरुण कुमार (एनएसएस इकाई-02), डॉ. संघमित्रा महापात्रा (एनएसएस इकाई-03) एवं डॉ. उमनाथ शुक्ला (एनएसएस इकाई-07) के साथ डॉ. अर्चना सिंह और डॉ. एकता शर्मा शामिल रहीं।
कार्यक्रम में टीचिंग एसोसिएट्स एलेना तकहेल्लामबम एवं स्वप्निल सिंह ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि निदेशक, छात्र कल्याण ने भी शिविर में सहभागिता की। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया तथा स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
रक्तदान शिविर में विश्वविद्यालय के कुल 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिसमें 66 छात्राएं और 84 छात्र शामिल रहे। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता पैदा करना और जरूरतमंदों का जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य में योगदान के लिए उन्हें प्रेरित करना रहा।
रक्तदान के साथ प्रतिभागियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निःशुल्क हीमोग्लोबिन परीक्षण एवं बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) मापन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इससे विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य की स्थिति के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला। शिविर में रक्तदाताओं एवं प्रतिभागियों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई।
आयोजकों ने बताया कि स्वैच्छिक रक्तदान समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। एक यूनिट रक्त जरूरत के समय किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
शिविर का सफल आयोजन विश्वविद्यालय एवं एनएसएस इकाइयों की सामाजिक उत्तरदायित्व, सामुदायिक सेवा, स्वैच्छिक रक्तदान एवं स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम के उद्देश्य को और सार्थक बनाया।


