डीएम ने मांगा तीन साल की रोड कटिंग का हिसाब, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

- प्रियंका द्विवेदी
कानपुर नगर। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें रोड कटिंग से लेकर यातायात प्रवर्तन तक कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में डीएम ने स्पष्ट कहा कि यातायात नियम कोई सुझाव नहीं बल्कि जीवन रक्षा के नियम हैं और इनका पालन हर हाल में कराया जाएगा। समीक्षा में सामने आया कि सख्ती बढ़ने से सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में कमी दर्ज हुई है।
जनवरी में 10,108 चालान, हादसों में कमी
जनवरी 2026 में विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने कुल 10,108 चालान किए। इनमें 6,297 ओवर स्पीड, 1,307 नो पार्किंग, 996 हेलमेट न पहनने और 938 गलत दिशा में वाहन चलाने के मामले शामिल रहे। इससे पहले नवंबर 2025 में 2,267 और दिसंबर 2025 में 3,202 चालान किए गए थे।
दुर्घटनाओं में भी गिरावट दर्ज हुई। नवंबर 2024 के 34 हादसों के मुकाबले नवंबर 2025 में यह संख्या घटकर 26 रह गई। मृतक 19 से घटकर 14 और घायल 23 से घटकर 13 हो गए। दिसंबर 2024 में 57 दुर्घटनाएं थीं, जो दिसंबर 2025 में 37 रह गईं। जनवरी 2025 के 37 हादसों की तुलना में जनवरी 2026 में 24 मामले सामने आए। मृतकों की संख्या 26 से घटकर 17 और घायलों की संख्या 23 से घटकर 9 हो गई।

20 विशेष टीमें गठित
जनपद के क्रिटिकल कॉरिडोर पर कार्रवाई के लिए महाराजपुर, चकेरी, नौबस्ता, गोविंदनगर, गुजैनी, बर्रा, हनुमंत विहार, पनकी, सचेण्डी, बिठूर, शिवराजपुर, चौबेपुर, बिल्हौर, अरौल, बिधनू, साढ़, घाटमपुर और सजेती सहित 18 थानों को कवर करते हुए 20 विशेष टीमें बनाई गई हैं। चौबेपुर और घाटमपुर में दो-दो टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक टीम में एक उपनिरीक्षक प्रभारी और चार आरक्षी शामिल हैं।
टीमों को स्पीड लेजर गन, बॉडी वॉर्न कैमरा, डेसीबल मीटर, ब्रेथ एनालाइजर, रिफ्लेक्टिव जैकेट, सर्च लाइट, लाउड हेलर, फर्स्ट एड किट और स्ट्रेचर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि प्रवर्तन के साथ आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके।
रोड कटिंग पर सख्ती
बैठक में सड़कों की गुणवत्ता पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। डीएम ने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से खुदी सड़कों की सूची मांगी। रावतपुर क्रॉसिंग से डबल पुलिया तक क्षतिग्रस्त सड़क के मामले में जल निगम/जलकल द्वारा रोड कटिंग पर नाराजगी जताते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही पिछले तीन वर्षों में विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई रोड कटिंग का पूरा ब्यौरा तलब किया गया।
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी
नगर निगम के चीफ इंजीनियर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों में जिम्मेदार अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
उन्होंने गोल्डन आवर में उपचार, राहवीर योजना और घायलों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की पीएम राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए। साथ ही निर्णय लिया गया कि सड़क सुरक्षा को व्यवहार परिवर्तन से जोड़ते हुए विद्यालयों के माध्यम से परिवारों तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और हर माह विषय आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में डीसीपी यातायात रविंद्र कुमार, एआरटीओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



