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कोविड में माता-पिता खो चुके बच्चों संग सजी होली, डीएम आवास पर खिलीं मुस्कानें

कानपुर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और उनकी धर्मपत्नी रश्मि सिंह ने बच्चों को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद दोनों बच्चों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय बातचीत करते रहे। किसी से पढ़ाई के बारे में पूछा गया तो किसी से उसके भविष्य के सपनों पर चर्चा हुई। इस दौरान एक बच्चे ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, जबकि दूसरे ने इंजीनियर बनने का लक्ष्य बताया।

  • ज्योति सिंह

कानपुर नगर। होली की पूर्व संध्या पर जिलाधिकारी आवास का नजारा खास रहा। अबीर-गुलाल से रंगे चेहरे, बच्चों की सहज मुस्कान और आत्मीय संवाद के बीच यह आयोजन उन बच्चों को समर्पित रहा, जिन्होंने कोविड-19 महामारी में अपने माता-पिता को खो दिया। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से जुड़े बच्चों को विशेष रूप से आमंत्रित कर उनके साथ होली की खुशियां साझा की गईं।

जनपद में इस योजना से कुल 22 बच्चे लाभान्वित हैं। इनमें से 10 बच्चे अपने परिजनों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे, जबकि शेष 12 बच्चों के घरों पर पिचकारी, रंग, नए कपड़े और मिठाई सहित उपहार भिजवाए गए।

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और उनकी धर्मपत्नी रश्मि सिंह ने बच्चों को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद वे बच्चों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय बातचीत करते रहे। किसी से पढ़ाई के बारे में पूछा गया तो किसी से भविष्य के सपनों पर चर्चा हुई। एक बच्चे ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, वहीं दूसरे ने इंजीनियर बनने का लक्ष्य बताया। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों की प्रगति की जानकारी लेते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, मार्गदर्शन या किसी भी आवश्यकता के लिए जिला प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ बच्चों के साथ खड़ा रहेगा और उन्हें आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

कार्यक्रम में औपचारिकता से अधिक आत्मीयता देखने को मिली। रंगों के बीच बच्चों के चेहरों पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही थी। जिन बच्चों ने असमय अभिभावकीय साया खोया, उनके लिए यह आयोजन केवल एक त्योहार नहीं बल्कि भरोसे का मजबूत आधार बनकर सामने आया।

उल्लेखनीय है कि दीपावली पर भी जिला प्रशासन ने इन्हीं बच्चों के साथ त्योहार मनाया था। त्योहारों के माध्यम से यह सतत संपर्क प्रशासन की संवेदनशील प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि संरक्षण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवहार में भी झलकता है।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि कानपुर की होली अपनी सांस्कृतिक परंपरा और आपसी सद्भाव के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि पर्व को शांति, संयम और जिम्मेदारी के साथ मनाएं, तभी रंगों का यह त्योहार वास्तव में सार्थक होगा।

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