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यूपी को स्थायी DGP के लिए करना होगा इंतजार, UPSC ने फिर लौटाया प्रस्ताव

  • सौरभ शुक्ला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति एक बार फिर अधर में लटक गई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को 2025 की गाइडलाइंस के अनुरूप न होने के कारण वापस कर दिया है।

गाइडलाइंस के अनुरूप नहीं पाया गया प्रस्ताव

राज्य सरकार ने DGP पद के लिए वर्ष 1990 से 1996 बैच के 35 से अधिक आईपीएस अधिकारियों के नाम UPSC को भेजे थे। नियमानुसार आयोग को इनमें से वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर तीन अधिकारियों का पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजना होता है। हालांकि, आयोग ने प्रस्ताव में खामियां बताते हुए इसे अस्वीकार कर दिया और मानकों के अनुरूप दोबारा भेजने को कहा है।

4 साल से कार्यवाहक DGP के भरोसे व्यवस्था

यह पहला मौका नहीं है जब प्रस्ताव लौटाया गया हो। वर्ष 2022 में भी UPSC ने चयन प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां जताई थीं। तब से अब तक प्रदेश में स्थायी DGP की नियुक्ति नहीं हो सकी है और पुलिस महकमा लगातार कार्यवाहक DGP के नेतृत्व में काम कर रहा है।

अब नए सिरे से बनेगा पैनल

अब राज्य सरकार को नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर UPSC को भेजना होगा। इसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक वरिष्ठता, पात्रता और अन्य मानकों के आधार पर नया पैनल तैयार करने में समय लग सकता है, जिससे स्थायी DGP की नियुक्ति में और देरी संभव है।

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