21 मई से “नो पे-नो वर्क” हड़ताल की चेतावनी, बकाया मानदेय भुगतान की उठाई मांग
- विवेक कुमार
औरैया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने तीन माह से लंबित मानदेय को लेकर मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कर्मचारियों ने मिशन निदेशक को संबोधित ज्ञापन प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए जल्द भुगतान की मांग की।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 20 मई तक बकाया मानदेय जारी नहीं किया गया तो 21 मई से जिलेभर में “नो पे-नो वर्क” नीति लागू करते हुए कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि लगातार ड्यूटी करने के बावजूद समय पर वेतन न मिलना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि मानदेय न मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की फीस, मकान किराया और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि समस्या को लेकर लगातार मांग किए जाने के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ज्ञापन में कहा गया कि एनएचएम संविदाकर्मी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं और लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन के दौरान जनपदीय कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।


