तंबाकू के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञों की गंभीर चेतावनी, सख्त कानून की मांग
- रितिका शुक्ला
झांसी। इंडियन इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (IIMA) झांसी वूमेंस फोरम द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जीवन शाह चौराहा स्थित एक होटल में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नीलम आनंद ने की।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. रीमा सोनकर ने तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इसे “धीमा जहर” बताते हुए कहा कि यह धीरे-धीरे कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बनता है और मानव जीवन के लिए अत्यंत खतरनाक है।
उन्होंने सरकार से तंबाकू की बिक्री पर पूर्ण और स्थायी रोक लगाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि “सख्त नीति और कड़े नियम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि तंबाकू मुक्त भारत का लक्ष्य वास्तविकता में दिखाई देना चाहिए।”

कार्यक्रम में आईआईएमए झांसी वूमेंस फोरम की सचिव डॉ. मोनिका मिश्रा, डॉ. रजनी अग्रवाल, डॉ. मनीषा वर्मा, डॉ. डिंपल अग्रवाल, डॉ. पूनम आर्या, डॉ. तसनीम कौसर, डॉ. सुनयना उपाध्याय, डॉ. नीतू सोनी, डॉ. राखी सेठ सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्वाति श्रीवास्तव ने किया तथा अंत में डॉ. अनुभूति मोदी ने आभार व्यक्त किया।


