- अमित तिवारी
अकबरपुर, अम्बेडकरनगर। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं एवं अन्य दिवंगतों की स्मृति में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी, शाखा अम्बेडकरनगर के तत्वावधान में पटेल नगर तिराहा, अकबरपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, विद्यार्थियों एवं नगरवासियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दो मिनट का मौन रखा और दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संध्या सिंह ने कहा कि लखनऊ अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक भवनों एवं अन्य प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
धीरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि यह हादसा अत्यंत हृदयविदारक है और इसकी पीड़ा लंबे समय तक लोगों के मन में बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना ने कई परिवारों के सपनों को एक झटके में तोड़ दिया और अनेक घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है। सभी ने मानव जीवन की सुरक्षा, जागरूकता और आपदा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी, शाखा अम्बेडकरनगर के नेतृत्व में आरम्भ फाउंडेशन, परम फाउंडेशन, स्टूडेंट डिजिटल लाइब्रेरी, उत्तर प्रदेश यूथ एसोसिएशन तथा मिशन ग्रीन अर्थ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर रवि अग्रहरि, विवेक साहू, अंकित अग्रहरि, संघमित्रा बौद्ध, गोविंद साहू, डॉ. सर्वेश गुप्ता, ओम प्रकाश जायसवाल, दुष्यंत, सुनील अभिषेक, नीरज, रजनीश, रामनाथ, सुधीर चतुर्वेदी, आलोक वर्मा, अंकुर, प्रियांशु शर्मा एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभा के अंत में सभी उपस्थितजनों ने मोमबत्तियां प्रज्ज्वलित कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोक संतप्त परिवारों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
“कुछ सपने अधूरे रह गए, कुछ घरों के चिराग बुझ गए। आइए, संवेदना का एक दीप जलाकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करें।”


