
रेव-3 सिनेमा में हुआ भव्य प्रीमियर, अभिनेता अन्नू कपूर समेत जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
- ज्योति सिंह
कानपुर नगर। बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा निर्मित 40 मिनट की शॉर्ट फिल्म “Silent Crimes: Not Just A Film, A Wake-Up Call” का शनिवार को रेव-3 सिनेमा में विशेष प्रीमियर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता अन्नू कपूर, फिल्म के कलाकार, जनप्रतिनिधि तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों जैसे वर्चुअल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, सोशल इंजीनियरिंग, ओटीपी एवं केवाईसी धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी देना था।

“अब डकैत घोड़े पर नहीं, मोबाइल के पीछे से आते हैं”
फिल्म का चर्चित संवाद “अब डकैत घोड़े पर नहीं, मोबाइल के पीछे से आते हैं” दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। फिल्म में साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों को रोचक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
अन्नू कपूर ने साझा किया अपना अनुभव
फिल्म में दरोगा करतार सिंह की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अन्नू कपूर ने साइबर सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि वह स्वयं भी विदेश यात्रा के दौरान एक साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
अन्नू कपूर ने फिल्म की कहानी, निर्देशन और प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि जागरूकता पर आधारित होने के बावजूद यह फिल्म मनोरंजक और प्रभावशाली है। उन्होंने कानपुर पुलिस के अधिकारियों के अभिनय की भी प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने बेहद स्वाभाविक अभिनय किया है।

पुलिस अधिकारियों ने भी निभाए अहम किरदार
फिल्म में अभिनेता मुश्ताक खान ने इंस्पेक्टर बाबूलाल दुबे की भूमिका निभाई है, जबकि एसीपी कर्नलगंज आनंद ओझा ने एसीपी अंगद सिंह का किरदार निभाया है। फिल्म में पुलिस और फिल्म कलाकारों के संयुक्त प्रयास से साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया गया है।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी, केवाईसी अपडेट या डिजिटल लेनदेन से जुड़े संदेशों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों की छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाते हैं, इसलिए सतर्कता और जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कानपुर पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी जन-जागरूकता आधारित फिल्में साइबर अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


