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महान व्यक्तियों के विचार समय की सीमाओं से परे होते हैं : प्रो. वंदना निगम

नागेंद्र स्वरूप की 72वीं जयंती पर दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा, छात्राओं ने भजन प्रस्तुत कर किया स्मरण

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर में नागेंद्र स्वरूप की 72वीं जयंती श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में कॉलेज की संरक्षिका कुमकुम स्वरूप, सचिव मेघना श्रीवास्तव, वीएसआईएस के सचिव इं. गौरवेंद्र स्वरूप, प्राचार्या प्रो. वंदना निगम, स्ववित्तपोषित निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा सहित अन्य शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं पुष्पगुच्छ अर्पित कर नागेंद्र स्वरूप के व्यक्तित्व और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को याद किया।

कार्यक्रम के दौरान संगीत विभाग की छात्राओं ने भजन प्रस्तुत किए और पुष्पगुच्छ अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वातावरण श्रद्धा और स्मरण से भावपूर्ण रहा।

इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. वंदना निगम ने कहा कि महान व्यक्तियों के विचार समय की सीमाओं से परे होते हैं। उनके विचार हमें जीवन, संघर्ष, सफलता, नैतिकता और आत्मविकास की सही दिशा दिखाते हैं। इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने समाज को बेहतर बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया, वे सदैव अमर रहते हैं।

उन्होंने कहा कि महान व्यक्तियों के दिखाए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति हमारी सबसे बड़ी और सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके आदर्श केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

प्रो. वंदना निगम ने सभी से आह्वान किया कि वे नागेंद्र स्वरूप के महान आदर्शों और मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारकर ही समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दिया जा सकता है।

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