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कानपुर में पुलिस पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप, विधायक अमिताभ बाजपेई ने चौकी में दिया धरना

अमन अग्रवाल को कथित तौर पर 17 घंटे चौकी में रखने और मारपीट का आरोप, आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई ने चौकी प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर। फीलखाना थाना क्षेत्र में पुलिस की कथित बर्बरता का मामला सामने आया है। सिरकी मोहाल चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार पर एक युवक को हिरासत में लेकर कथित तौर पर थर्ड डिग्री देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई मौके पर पहुंचे और पुलिस चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए।

जानकारी के अनुसार, अमन अग्रवाल नामक युवक को पुलिस कथित तौर पर पकड़कर सिरकी मोहाल चौकी ले गई थी। आरोप है कि युवक को करीब 17 घंटे तक चौकी में रखा गया और पूरी रात उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित के शरीर पर चोटों के निशान होने का दावा किया गया है।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अमन अग्रवाल को पट्टे से बेरहमी से पीटा गया। इसके अलावा पुलिस पर युवक को कथित तौर पर एनकाउंटर की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बताया गया है कि अमन अग्रवाल निराश्रित पशुओं के भरण-पोषण और सेवा से जुड़े कार्य करते हैं। मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर परिजनों और समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली।

घटना की जानकारी मिलने पर आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई सिरकी मोहाल चौकी पहुंचे। पीड़ित की स्थिति को लेकर नाराजगी जताते हुए विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।

विधायक ने चौकी परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनकी ओर से कहा गया कि जब तक कथित रूप से जिम्मेदार पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा।

विधायक की ओर से जारी बयान में पुलिस व्यवस्था पर भी तीखी टिप्पणी की गई। उन्होंने कहा कि देश लोकतंत्र से चलता है, किसी ‘पट्टा तंत्र’ से नहीं। साथ ही निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय और पुलिस की मनमानी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करने की बात कही।

विधायक के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक करीब पांच घंटे सिरकी मोहाल चौकी के बाहर धरना दिया गया।

इस पूरे मामले में पुलिस पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक को किस परिस्थिति में हिरासत में लिया गया और उसके साथ कथित मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

मामले में पुलिस विभाग की ओर से जांच और कार्रवाई का इंतजार है।

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