
थार की धरती को खुशहाल बनाने में महाराजा गंगा सिंह का योगदान अविस्मरणीय : डॉ. मेघना शर्मा
- शालिनी सिंह
बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की ओर से महाराजा गंगा सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में ‘थार मरुस्थल के भागीरथ महाराजा गंगा सिंह’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महाराजा गंगा सिंह के ऐतिहासिक योगदान, दूरदर्शी विचारों और जनकल्याणकारी कार्यों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि थार मरुस्थल की हरियाली सदैव महाराजा गंगा सिंह की ऋणी रहेगी। उन्होंने कहा कि अकाल और पानी की कमी से जूझने वाले क्षेत्र में खुशहाली लाने के लिए महाराजा गंगा सिंह ने महत्वपूर्ण प्रयास किए। जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विकास की दूरदर्शी सोच ने उन्हें आमजन के बीच विशिष्ट पहचान दिलाई।
मुख्य वक्ता डॉ. गोपाल व्यास ने महाराजा गंगा सिंह के जीवन से जुड़े प्रसंगों और अपनी पुस्तक में उल्लेखित तथ्यों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाराजा गंगा सिंह नदियों के जल के उपयोग को लेकर व्यापक दृष्टिकोण रखते थे। उनका मानना था कि नदियों के पानी का उपयोग केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचना चाहिए, ताकि मानवता का कल्याण सुनिश्चित हो सके।

डॉ. व्यास ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के लिए महाराजा गंगा सिंह द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि महामना मदन मोहन मालवीय को चंदा देते समय महाराजा गंगा सिंह ने चेक पर एक के बाद एक शून्य लगाना शुरू कर दिया। यह क्रम तब तक चलता रहा, जब तक मालवीय ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें रोक नहीं दिया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने महाराजा गंगा सिंह की उदारता और शिक्षा के प्रति सहयोग की भावना को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा गंगा सिंह के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिनिधि कनिष्का ने भी महाराजा गंगा सिंह के जीवन, विचारों और योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
अंत में सुशीला बिश्नोई ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में इतिहास विभाग के अतिथि शिक्षक डॉ. मुकेश हर्ष, जसप्रीत सिंह, रिंकू जोशी, भगवान दास सुथार और डॉ. संजना चौधरी सहित अन्य उपस्थित रहे। आयोजन ने विद्यार्थियों को महाराजा गंगा सिंह के ऐतिहासिक योगदान और समाजहित में किए गए कार्यों को समझने का अवसर प्रदान किया।


