विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक, दीपावली से पहले जनसुविधाएं दुरुस्त करने और लंबित कार्यों को पूरा करने पर जोर
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। शहर में विकास कार्यों की प्रगति और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित पेयजल, सड़क, सीवर, बिजली, पार्क, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और मेट्रो निर्माण से प्रभावित सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। दीपावली से पहले नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में पनकी के सरायमीता गांव में अमोनिया युक्त पेयजल की समस्या का मुद्दा उठाया गया। बताया गया कि क्षेत्र में पेयजल की समस्या के कारण प्रतिदिन सात से दस टैंकर पानी भेजना पड़ता है। इस समस्या से स्थानीय लोगों को राहत दिलाने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में तत्काल काम शुरू कराने की आवश्यकता जताई गई, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
दीपावली और छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए शहर के घाटों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार का कार्य समय से पूरा कराने की मांग की गई। साथ ही घाटों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र के सभी वार्डों की सड़कों को दीपावली से पहले दुरुस्त कराने और तात्या टोपे नगर में प्रस्तावित बड़े मॉडल पार्क का निर्माण कार्य शुरू कराने का मुद्दा भी उठाया गया।

शहर के प्रवेश मार्ग को बेहतर स्वरूप देने के उद्देश्य से पनकी पड़ाव से कानपुर में प्रवेश के लिए जाजमऊ प्रवेश द्वार की तर्ज पर एक भव्य द्वार बनाने का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज के दौरान राहत दिलाने के लिए अस्पतालों में वास्तविक खर्च के आधार पर एस्टीमेट तैयार करने की व्यवस्था पर सख्ती से अमल कराने की आवश्यकता भी बताई गई। संबंधित मामलों में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।
दीपावली के त्योहार को देखते हुए विधानसभा क्षेत्र के बिजली के खंभों, सार्वजनिक स्थलों और पार्कों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मांग की गई कि त्योहार से पहले आवश्यक स्थानों पर लाइटें लगाई जाएं, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। इसके साथ ही पटाखों की बिक्री के लिए निर्धारित स्थानों और लाइसेंसधारकों की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य अवैध पटाखा कारोबार पर रोक लगाना और संभावित दुर्घटनाओं से नागरिकों की सुरक्षा करना है।
बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) से संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। नौरैया खेड़ा सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नालों की सफाई और अन्य विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने की आवश्यकता जताई गई। औद्योगिक क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त होने से स्थानीय इकाइयों और आसपास के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
तात्या टोपे नगर स्थित केडीए कॉलोनी में मकानों के छज्जों के पास से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन का मुद्दा भी उठाया गया। इस लाइन को छज्जों से सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित कराने के लिए संबंधित विद्युत विभाग से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

मेट्रो निर्माण के कारण प्रभावित सड़कों की स्थिति पर भी ध्यान आकर्षित किया गया। मांग की गई कि दीपावली तक मेट्रो पिलरों के दोनों ओर सड़क किनारे लगे टीन-टप्परों को हटाकर मार्ग व्यवस्थित किया जाए और सड़कों को आवागमन के योग्य बनाया जाए। इससे क्षेत्र के नागरिकों को रोजाना आने-जाने में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकेगी।
इसके अतिरिक्त शास्त्री नगर में आईटीआई हॉस्टल वाले मेट्रो स्टेशन के निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई सीवर लाइन की समस्या को तत्काल दूर कराने का मुद्दा उठाया गया। इस संबंध में जल संस्थान के महाप्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई करने और समस्या के समाधान की निगरानी करने के लिए निर्देशित किए जाने की बात कही गई, ताकि प्रभावित क्षेत्र के लोगों को जल्द राहत मिल सके।
बैठक में उठाए गए विभिन्न मुद्दों का मुख्य उद्देश्य शहर में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना रहा। पेयजल, सड़क, सीवर, बिजली, सफाई और यातायात से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के साथ दीपावली एवं छठ पूजा से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित विभागों से अपेक्षा की गई कि वे आपसी समन्वय के साथ विकास कार्यों को गति दें, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।


