अस्पताल प्रबंधन कराए FIR, छात्र पर कार्रवाई से पढ़ाई प्रभावित होगी : जूनियर डॉक्टरों

- अंकित बाजपेई
कानपुर नगर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में मेडिसिन वार्ड-13 में नर्स से हुए विवाद के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस प्रकरण में एक जूनियर डॉक्टर के नाम पर एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद डॉक्टरों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब मामला अस्पताल परिसर का है, तो एफआईआर कॉलेज या अस्पताल प्रशासन की ओर से दर्ज कराई जानी चाहिए, न कि किसी छात्र के नाम से।
इस मुद्दे पर मंगलवार को जूनियर डॉक्टरों ने हैलट इमरजेंसी में बैठक की और अपनी बात कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला को बताई। उन्होंने कहा कि छात्र पर एफआईआर होने से उसकी पढ़ाई और भविष्य पर असर पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, स्वरूपनगर थाने में स्टाफ नर्स सुधा से विवाद के मामले में जूनियर डॉक्टर डॉ. कौशल किशोर सिंह की ओर से एफआईआर कराई गई थी। डॉ. कौशल ने पूरा घटनाक्रम लिखित रूप से कॉलेज प्रशासन को अवगत कराया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
जूनियर डॉक्टरों ने मांग की है कि इस तरह के संस्थागत विवादों में व्यक्तिगत रूप से किसी छात्र को वादी बनाना उचित नहीं है। इस पर प्राचार्य डॉ. काला ने आश्वासन दिया कि किसी को भी अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल में सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। सीनियर डॉक्टर नियमित रूप से राउंड ले रहे हैं और जूनियर डॉक्टर भी अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। बैठक के दौरान डॉक्टरों ने वार्डों की जिम्मेदारी संभालने के लिए सहयोगियों को तैनात किया था और चर्चा समाप्त होते ही सभी वापस काम पर लौट आए।



