SIR अभियान पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा – “केंद्र की BJP सरकार झूठी”

- समय टुडे डेस्क।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा मतदाता सूची “झूठी” है, तो केंद्र की भाजपा सरकार भी “झूठी” है।
कोलकाता में एक विरोध रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा,
“पिछले 24 सालों से आप किस वोटर लिस्ट से जीतते आए हैं? अगर ये लिस्ट झूठी है, तो आपकी सरकार भी झूठी है। करते फूट, बोते झूठ। हर साल कोई न कोई विवाद खड़ा करते हैं। नोटबंदी का क्या हुआ? क्या काला धन वापस आया?”
मुख्यमंत्री ने आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र के मुद्दे पर केंद्र को “धोखेबाज” बताते हुए कहा कि जनता से 1,000 रुपये लेकर आधार कार्ड बनवाए गए, लेकिन अब वही कार्ड मतदाता पहचान के लिए मान्य नहीं है। उन्होंने कहा,
“राशन, बैंक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधार मांगा जाता है, लेकिन वोटर लिस्ट में नहीं। आखिर यह दोहरा रवैया क्यों? सबसे अच्छा यही होगा कि दिल्ली में सरकार बदली जाए।”
टीएमसी की विशाल रैली और केंद्र के खिलाफ आक्रोश
ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की विशाल रैली का नेतृत्व किया, जिसमें हज़ारों समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारी संविधान की प्रतियां लेकर “लोकतंत्र बचाओ” और “SIR के खिलाफ संघर्ष” जैसे नारे लगा रहे थे।
रैली से पहले ममता बनर्जी ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि संविधान द्वारा दिए गए समानता, सम्मान और नागरिकता के अधिकारों की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है।
टीएमसी ने ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा —
“आज की रैली इस लोकतंत्र में हर नागरिक के उचित स्थान और सम्मान की रक्षा के लिए है।”
अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में प्रदर्शन की दी चेतावनी
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि SIR की वजह से कई लोगों ने भय में अपनी जान गंवाई है। उन्होंने परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा,
“भाजपा को सोचना चाहिए, अगर दो दिनों में हम इतनी बड़ी सभा कर सकते हैं, तो दिल्ली में हमारा प्रदर्शन कितना बड़ा होगा।”
SIR अभियान 12 राज्यों में शुरू
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने बताया कि SIR अभियान का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों — जिनमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश शामिल हैं — में शुरू हो गया है।
- गणना चरण: 4 नवंबर से 4 दिसंबर
- मसौदा मतदाता सूची: 9 दिसंबर को प्रकाशित
- दावे-आपत्तियां: 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026
- अंतिम मतदाता सूची: 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी



