“नशा सरकार से नहीं, संस्कार से समाप्त होगा” – धनघटा में ड्रग मुक्त जन अभियान का आयोजन

- अमित कुमार तिवारी
संतकबीर नगर। धनघटा तहसील के हैंसर विकास खंड में धनघटा चौराहा पर सिद्धि मैरेज हॉल में प्रगति सेवा संस्थान द्वारा आयोजित बैठक में समाज को ड्रग मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संयोजन प्रदीप सिसोदिया ने किया।
कार्यक्रम में प्रदीप सिसोदिया ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है, जो नशे के गिरफ्त में फंस रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समस्या का विकल्प नशा नहीं हो सकता; इसे केवल ईच्छाशक्ति और संस्कार से ही समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आज लोग नशे के मामलों में भी सरकार को जिम्मेदार मानते हैं, जबकि वास्तविक समाधान परिवार और संस्कार से ही संभव है।
सिसोदिया ने यह भी बताया कि नशा केवल युवाओं को ही नहीं बल्कि युवतियों और बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है। नशे की वजह से घरेलू हिंसा, चोरी, मार्ग दुर्घटनाएं और अपराध बढ़ रहे हैं। कई परिवारों की पैतृक संपत्ति और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कॉलेजों, चाय की दुकानों, रेस्टोरेंट और होटलों में भी नशे का व्यापार बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में धार्मिक दृष्टिकोण के महत्व पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में नशे को तामसिक और पाप कर्म माना गया है। ऋग्वेद, उपनिषद, गरुण पुराण जैसे ग्रंथों में शराब और मादक पदार्थों की कड़ी निंदा की गई है। इसी प्रकार, इस्लाम, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और यहूदी धर्म में भी नशे के सेवन पर रोक और निंदा की गई है।

प्रदीप सिसोदिया ने बताया कि “ड्रग मुक्ति जन अभियान” के अनुरोध पर संत कबीर नगर पुलिस द्वारा जल्द ही नशे के विरुद्ध हेल्प डेस्क नंबर जारी किया जाएगा। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति नशा माफिया की गतिविधियों की शिकायत कर सकेगा, जिसमें पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में नैतिक, शारीरिक और चारित्रिक शिक्षा का अभाव, नशाखोरी, भ्रष्टाचार और चारित्रिक पतन जैसे कुप्रभावों का कारण बन रहा है। बच्चों और समाज को इन कुरीतियों से बचाने के लिए हमें पुरानी संस्कृति और संस्कारों को अपनाना होगा और नशा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करना होगा।
कार्यक्रम के समापन पर मातृशक्ति शीतल ने उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। प्रदीप सिसोदिया के आह्वान पर सभी ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर “हमें गर्व है कि मेरा परिवार नशा मुक्त है” का स्टीकर लगाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रमुख वक्ता रहे – प्रदीप श्रीवास्तव, मुकेश चौरसिया, गोविंद सिंह विशेन, वेद प्रकाश सिंह, अतुल सिंह, शिव प्रताप राय, जय प्रकाश यादव, विजय बहादुर सिंह, प्रियंका, शीतल, पाल सिंह, सचिन अग्रहरि, संजय पाठक, अभिषेक पाल, राणा सिंह, लाल शरण सिंह (अधिवक्ता), अवनीश गौड़, शैलेन्द्र सिंह, धनंजय राठौर, घनश्याम सिंह, विनय सिंह, विकास यादव, राहुल सैनी, राम प्रसाद जायसवाल, उदय राज अग्रहरि (प्रधान), सूरज गोस्वामी, विजय सेन सिंह, पंडित धर्मेंद्र पाठक, लक्ष्मी नारायण दुबे, शिवेंद्र पाठक, काजी शरफराज, मो आलम, प्रियम प्रकाश पाठक, अशोक कुमार धवल, बंधु चौहान, अमित मिश्रा सहित अन्य।
कार्यक्रम में लगभग 500 से अधिक लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने बढ़ते नशे के खिलाफ चिंता व्यक्त की और इस अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।



