
आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा, अग्निकांड पीड़ितों को एक करोड़ मुआवजा और चढ़ावा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आदिवासी समाज के अधिकारों की उपेक्षा, अयोध्या श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी तथा लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
बुधवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में वीरांगना महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम एवं उसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके सहयोगियों ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर कब्जा करने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है तथा उनकी परंपराओं और संस्कृति को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आदिवासी समाज के युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिले। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आदिवासी समाज को उनके अधिकार, सम्मान और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

महारानी दुर्गावती की प्रतिमा लगाने की घोषणा
अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट पर वीरांगना महारानी दुर्गावती की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार और प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए जनगणना कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर आदिवासी समाज के लोगों के प्रमाण पत्र गांव-गांव जाकर बनाए जाएंगे। अनुसूचित जनजाति के लिए अलग आयोग का गठन किया जाएगा तथा शिक्षा, आवास और रोजगार के क्षेत्र में विशेष योजनाएं संचालित की जाएंगी।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को महापाप बताते हुए कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि देशभर से भगवान श्रीराम के नाम पर आए चढ़ावे में अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में भूमि खरीद और अन्य मामलों में भी भ्रष्टाचार हुआ है तथा इस मामले में गठित एसआईटी निष्पक्ष जांच करे। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से देश और दुनिया में गलत संदेश गया है।
लखनऊ अग्निकांड पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया
पूर्व मुख्यमंत्री ने लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड को प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताते हुए कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन होता तो कई छात्रों और युवाओं की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले दस वर्षों से भाजपा सरकार है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार के समय शुरू की गई डायल-100 व्यवस्था का उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं को त्वरित रूप से उपलब्ध कराना था।
उन्होंने कहा कि अग्निकांड में समय पर राहत एवं बचाव कार्य न होने के कारण कई परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया।

एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
अखिलेश यादव ने मांग की कि अग्निकांड में जान गंवाने वाले युवाओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही घायलों का पूरा इलाज कराया जाए और उनके स्वस्थ होने तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
रोजगार, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी उठाए
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और युवाओं के लिए रोजगार सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक है और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और पीडीए की अवधारणा को मजबूत करते हुए सभी वर्गों को समान अधिकार और सम्मान दिलाने का कार्य करेगी।


