HomeNEWSमहिला आरक्षण पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस का BJP पर पलटवार

महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस का BJP पर पलटवार

देशभर में महिला नेताओं को दी गई कमान, 25 शहरों में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

  • नेहा पाठक

नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल को लेकर देश में सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। लोकसभा में इससे जुड़े संविधान संशोधन प्रस्ताव के खारिज होने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर बीजेपी और एनडीए सहयोगी विपक्ष पर हमलावर हैं, वहीं कांग्रेस समेत अन्य दलों ने भी जवाबी रणनीति तेज कर दी है।

देशभर में इस मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिनकी खास बात यह है कि इन आंदोलनों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व प्रमुख रूप से देखने को मिल रहा है। पार्टी कार्यालयों से लेकर सड़कों तक महिला कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। हाल ही में पटना में एनडीए की महिला नेताओं ने जोरदार मार्च भी निकाला।

बीजेपी के आरोपों का जवाब देने के लिए कांग्रेस ने देशव्यापी रणनीति बनाई है। पार्टी ने निर्णय लिया है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश के 25 प्रमुख शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पार्टी अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी।

इन शहरों में महिला नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी:

चंडीगढ़ – कुमारी सैलजा
दिल्ली – शोभा ओजा
जयपुर – अलका लांबा
मुंबई – अमी याग्निक
रायपुर – रंजीता रंजन
अहमदाबाद – रजनी पाटिल
भोपाल – रागिनी नायक
वाराणसी – नेटा डिसूजा

इसके अलावा जिला स्तर पर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

कांग्रेस ने अपने नेताओं से कहा है कि वे संसद सत्र के दौरान प्रियंका गांधी के भाषण और संदेश को जनता तक पहुंचाएं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने भी एक ऑनलाइन बैठक में महिला आरक्षण और परिसीमन पर सोनिया गांधी के विचार साझा किए।

वहीं, बीजेपी ने भी इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। दिल्ली, लखनऊ, पटना और बेंगलुरु सहित कई शहरों में पार्टी की महिला नेता विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं।

इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण न मिलने पर संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं की राजनीतिक आकांक्षाओं को कुचलने का काम किया है।

कुल मिलाकर महिला आरक्षण का मुद्दा अब संसद से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुका है, और आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने के आसार हैं।

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