ऑनलाइन ठगी और UPI फ्रॉड पर नियंत्रण के लिए अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
- ऋषभ कुमार
कानपुर नगर। 20 अप्रैल 2026 को पुलिस उपायुक्त सेंट्रल, अतुल कुमार श्रीवास्तव ने सेंट्रल जोन कार्यालय में साइबर अपराध की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता को लेकर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की।
इस गोष्ठी में सेंट्रल जोन के सभी थानों में तैनात साइबर प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
पुलिस उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन ठगी, बैंक और UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी कॉल और OTP फ्रॉड जैसे मामलों पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) के अधिकतम उपयोग और आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
प्रमुख निर्देश:
- साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए NCRP पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।
- आम नागरिकों को https://www.cybercrime.gov.in पोर्टल की जानकारी देकर जागरूक किया जाए।
- आपात स्थिति में शिकायत दर्ज कराने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
- पीड़ितों को तुरंत सहायता प्रदान करते हुए बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन को शीघ्र फ्रीज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- प्रत्येक थाने पर साइबर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
- सोशल मीडिया, जन-चौपाल, थाना स्तर पर अभियान और पम्पलेट/पोस्टर के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाए।
- लोगों को सतर्क किया जाए कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या QR कोड पर भरोसा न करें और OTP, बैंक डिटेल या UPI पिन किसी के साथ साझा न करें।
- साइबर प्रभारी अधिकारियों को तकनीकी दक्षता बढ़ाने, नियमित प्रशिक्षण लेने और आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
- हर साइबर अपराध में तकनीकी साक्ष्यों के संकलन और विधिक प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
गोष्ठी के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह सक्रिय है और इसमें जनभागीदारी व जागरूकता बेहद जरूरी है।


